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पथरी पंप कैनाल बदहाल, किसान बेहाल

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बदहाल पथरी पंप कैनाल - फोटो : FATEHPUR
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बहुआ। असोथर विकास खंड के पथरी पंप कैनाल की बदहाली से किसान बेहाल हैं। इसकी दो मोटरें एक साल से जली पड़ी हैं। एक मोटर से कभी सप्लाई दी जाती तो कभी लो वोल्टेज बताकर बंद कर दिया जाता है। इस वजह से किसानों के खेत की सिंचाई नहीं हो पाती। खरीफ की फसलों में धान की पौध लगाने के लिए किसान पलेवा नहीं कर पा रहे हैं।
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ग्राम पंचायत अढ़ावल के मजरे पथरी गांव में यमुना नदी में करीब दो दशक पहले किसानों की सुविधा के लिए पथरी पंप कैनाल स्थापित किया गया था। इसके चालू हो जाने से किसानों के चेहरों में खुशी थी। यमुना नदी का पानी मिलने से किसानों की फसलें लहलहा उठी थीं। इस पंप कैनाल की क्षमता 20 क्यूसेक की है। पथरी से नहर महमदपुर व ललौली के लिए हैं।
इस कैनाल से निकली नहर से अढ़ावल, डडवन, पथरी, महमदपुर, ललौली के करीब हजारों बीघे खेतों की सिंचाई होती थी। पर, जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते इस पंप कैनाल के दुर्दिन आ गए हैं। तीन मोटरों का पंप कैनाल में दो मोटरें करीब एक वर्ष से जली हुई है। एक मोटर से कभी कभार सप्लाई दी जाती है और लो वोल्टेज बताकर आपरेटर दयाशंकर बंद कर देता है।
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छह साल से पंप का दुरुस्तीकरण न होने से यह बदहाली के दौर में है। पाइपों में जंक लग गए हैं। खरीफ की फसलों में धान की पौध लगाने के लिए पलेवा तक नहीं हुआ है। किसान रावेंद्र, होरीलाल, भूरा, धनजंय, अनिल सिंह, बादल निषाद, देवीदीन, फूलचंद्र, मलखान, शिवभजन, देशराज, शिवप्रसाद, सियाराम ने आरोप लगाया कि पंप कैनाल बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। एसडीएम प्रमोद झा का कहना है कि वह सिंचाई विभाग से इसके बारे में जानकारी कर उन्हें किसानों की यह समस्या हल करने के लिए कहेंगे।
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