फतेहपुर। शहर की जलनिकासी चार प्रमुख नालों पर निर्भर है। यह नाले ससुर खदेरी नदी में गिरते हैं। बारिश से पहले चारों नालों की नगरपालिका सिल्ट सफाई कराती रही है लेकिन इस बारिश नजदीक होने के बावजूद अभी तक सिल्ट सफाई नहीं हो पाई है।
शहर की जलनिकासी के लिए चार नाले हैं, जो ससुर खदेरी नदी में गिरते हैं। इनमें झाऊपुर नाला, उतरी गौतमनगर गढीवा नाला, पीरनपुर नाला, रामगंज पक्का तालाब नाला शामिल हैं। इन नालों से होकर ससुर खदेरी नदी के रास्ते शहर का बारिश का पानी यमुना नदी में जाता है।
हर साल इन नालों की सिल्ट सफाई मशीनों से कराई जाती रही है, लेकिन इस बार अभी तक नगरपालिका ने नालों की सिल्ट सफाई को लेकर कोई कार्ययोजना नहीं तैयार की है। लोगों का कहना है कि नगरपालिका इस बार शहर में जलभराव की स्थिति पैदा करना चाहती है।
अवर अभियंता अमित जायसवाल का कहना है कि इस बार पालिका अपने संसाधनों से सभी छोटे बड़े नालों की सिल्ट सफाई कराएगी। इसके तहत मझोले नालों में सिल्ट सफाई का काम शुरू हो चुका है। समय से सभी नालों की सिल्ट सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। .
संतोष कुमार शहर के राधानगर निवासी संतोष कुमार का कहना है कि वैसे भी शहर की जलनिकासी बहुत ही कमजोर है। ऐसे में अगर मुख्य नालो की सिल्ट नहीं निकाली गई तो बारिश में शहर की स्थिति जलभराव से खराब हो जाएगी।
छोटेलाल राधानगर निवासी छोटेलाल का कहना है कि बडे नालों की सिल्ट हटाए बिना शहर का बारिश का पानी बाहर निकल नहीं पाता है। जब भी नगर पालिका ने बडे नालों की सिल्ट सफाई में लापरवाही बरती है, तो शहरियों को जलभराव का सामना करना पड़ा है।
पत्थरकटा निवासी रीतेश कहते हैं की नालियां और मझोले नालों की सिल्ट निकालने से शहर का बारिश का पानी नहीं निकल पाता है। समुचित जल निकासी के लिए मुख्य नालों की सिल्ट सफाई जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो जलभराव की समस्या उत्पन्न होना तय है।
गणेश प्रसाद मिश्र कलक्टरगंज निवासी गणेश प्रसाद मिश्र कहते हैं कि इस बार नगरपालिका मुख्य नालों की सिल्ट सफाई कराने को लेकर हीलाहवाली कर रही है। इसी लिए बारिश के पहले का समय शहर की नालियों सिल्ट सफाई में व्यतीत कर रही है।