फतेहपुर। जिले के इकलौते सरकारी ब्लड बैंक में खून की कमी है। यह 25 मई से 3 जून के बीच की भेजी गई रिपोर्ट से साफ होता है, जिसमें उतर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी और नेशनल हेल्थ मिशन को इस अवधि में सिर्फ तीन यूनिट का ट्रांजेक्शन होने की बात लिखी गई है। सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में बुधवार को महज पांच यूनिट खून था, जिसमें ए पॉजिटिव ग्रुप की 4 और ओ पॉजिटिव ग्रुप की एक यूनिट ही उपलब्धि थी।
इस तरह की स्थिति पूरे लॉगडाउन के दौरान देखने को मिली। 25 मई से 3 जून के बीच ब्लड बैंक के आंकड़ों पर गौर करें तो इस दौरान तीन यूनिट खून का आदान-प्रदान हुआ। अप्रैल के महीने में 21 यूनिट खून की अदला बदली हुई। मई महीने में 36 यूनिट खून अदला बदला गया। इसके सापेक्ष 34 यूनिट खून दिया गया।
18 मई के बाद नहीं लगा शिविर : फतेहपुर। सरकारी ब्लड बैंक में खून ना होने की बड़ी वजह रक्तदान शिविर का ना होना है। लॉक डाउन के चलते रक्तदाता सामने नहीं आ रहे हैं। अमर उजाला की खबर प्रकाशित करने के बाद कन्या फाउंडेशन की तरफ से 18 मई को रक्तदान किया गया था। रक्त कोष प्रभारी डॉ. रुचि गुप्ता का कहना है कि डोनेट प्रक्रिया रुकी होने की वजह से यह समस्या आई। हमारे पास बी ग्रुप का न तो पाजिटिव है और न ही नेगेटिव।