फतेहपुर। हथगाम के चिकित्सा प्रभारी के ईएमटी को पीटने का मामला सुलझ गया। सीएमओ के हस्तक्षेप पर एंबुलेंस सेवा बहाल कर दी गई। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर ने एंबुलेंस कर्मियों के साथ सीएमओ से वार्ता की।
दरअसल अल्लीपुर बहेरा गांव के पन्नेलाल का बेटा गोरखपुर से लौटा था। बताए गए लक्षण के आधार पर बिना सुरक्षा कवच के ऐसे शख्स के पास जाने से हिचकिचाने पर यह केस 102 का स्टाफ लाने को राजी हो गया। 102 एंबुलेंस से संबंधित शख्स को हथगाम सीएचसी लाया गया तो चिकित्सा प्रभारी ने उसे हरदो ले जाने को कहा। मना करने पर मारपीट हुई। एंबुलेंस यूनियन अध्यक्ष के जिलाध्यक्ष अवनीश पांडेय ने बताया कि चिकित्सा प्रभारी ने ईएमटी के साथ मारपीट की। इसी मुद्दे पर सीएचसी से जुड़े सभी सात एंबुलेंस कर्मी हड़ताल पर कूद गए। कार्रवाई के लिए 24 घंटे का वक्त देते हुए चेतावनी दी कि मामला न सुलझा तो जिले में हड़ताल हो जाएगी। गुरुवार को इस मुद्दे पर सीएमओ को पत्र दिया गया। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सूर्यभान की मौजूदगी में सीएमओ ने कहा कि भविष्य में ऐसा बर्ताव नहीं होगा। इसका भरोसा दिलाया गया। बकौल अवनीश वह लोग भी नहीं चाहते हैं कि ऐसी घड़ी में एंबुलेंस सेवा को बंद करें। इससे हड़ताल वापस लेकर सेवा बहाल करा दी गई।