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फतेहपुरः गोलीकांड के आरोपी पिता-पुत्र जेल भेजे गए

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लाइसेंसी बंदूक के साथ पुलिस हिरासत में आरोपी - फोटो : FATEHPUR
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किशनपुर(फतेहपुर)। थाना क्षेत्र के सेमरिया मनीपुर गांव में फायरिंग के मामले में पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा है। आरोपियों से एक लाइसेंसी बंदूक और तमंचा बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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किशनपुर थाने के मनीपुर सेमरिया निवासी चंद्रशेखर यादव का बेटा गोलू (22) सोमवार शाम ट्रैक्टर से मौरंग लेने जा रहा था। रास्ते में हॉर्न बजाने पर भी अंबोल साइड नहीं दे रहा था। गोलू ने परिजनों को फोन से बताया कि अंबोल निकलने नहीं दे रहा। गोलू के परिजन मौके पर पहुंचे और अंबोल को दौड़ा लिया। वहां से भागकर अंबोल घर पहुंचा और पिता से लाइसेंसी बंदूक और गोली लाने को कहा था। ग्रामीणों के अनुसार बंदूक पिता ने घर से लाकर दी थी।
बेटे ने बंदूक और पिता ने तमंचे से फायर किए। पुलिस को जांच में अंबोल के समर्थन में दो अन्य लोगों के फायरिंग करने का पता लगा है। पुलिस इनकी तलाश में जुटी है। गोलीकांड के पीछे पुरानी रंजिश सामने आई है। दोनों पक्ष चार महीने पहले गांव की एक बारात में शामिल होने कौशांबी गए थे। वहां डीजे में डांस को लेकर अंबोल और गोलू के चाचा अमरीश का आपस में झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों की ओर से सैनी थाने में रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। एसओ पंधारी सरोज ने बताया आरोपियों को जेल भेजा गया है। बंदूक और तमंचा बरामद किया गया है।
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आरोपी पिता ने 28 साल पहले प्रधान को मारी थी गोली
गोलीकांड का एक वीडियो भी वायरल हुआ है। गांव में गोली चलाते वक्त वह बोल रहा था कि किसी को नहीं छोड़ूंगा, सभी को गोली मार दूंगा। आरोपी अंबोल के पिता सदाशिव ने 1992 में ग्राम प्रधान को गोली मारी थी। पिता सदाशिव ने वर्तमान प्रधान पहाड़पुर प्रधान मदन यादव की दादी गुलाब कली 1992 में प्रधान थी। किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। महिला प्रधान के सिर में गोली मार दी थी। आरोपी सदाशिव जेल भी गया था। सदाशिव के पिता बलदेव फौज में सूबेदार थे। सदाशिव पर मुकदमा होने के कारण उन्होंने अपनी लाइसेंसी बंदूक अपने नाती अंबोल के नाम कराई थी। अंबोल की दो शादियां हुईं थीं। पहली पत्नी की मौत हो गई थी। दूसरी शादी खैरई में हुई थी। वह भी अंबोल को छोड़कर चली गई।
लाकडाउन में आया था गोलू
गोलू मुंबई में एक कपड़े के शोरूम में काम करता था। गांव से ढाई साल से बाहर था। लॉकडाउन की वजह से 15 मई को घर आया था। सात दिन पहले तक क्वारन्टीन सेंटर में रह रहा था।
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