फतेहपुर। इस बार स्कूली बच्चे ठंड में ठिठुरेंगे। जिले के एक भी परिषदीय और सहायता प्राप्त स्कूल में सात महीने बाद भी यूनिफार्म, जूते, मोजे, स्वेटर, बैग वितरण नहीं हुआ है।
इधर सुबह ठंड अपना असर दिखाने लगी है। घरेलू पुराने कपड़े और नंगे पैर दो लाख 76 हजार बच्चे स्कूल जा रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अब तक डीबीटी पोर्टल में डाटा अपलोड न कर पाने के कारण यह समस्या पैदा हुई है।
जिले में परिषदीय और सहायता प्राप्त स्कूलों के कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को मुफ्त में यूनिफार्म, जूते, मोजे, स्वेटर, बैग देने का प्रावधान है। इन स्कूलों में कुल दो लाख 76 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं।
2020 तक स्कूलों में बजट भेजकर शिक्षकों के माध्यम से यह सभी सामग्री उपलब्ध कराई जाती थी। इस बार शासन ने नियमों में परिवर्तन कर दिया है। इसके तहत अभिभावक के बैंक खाते में सामग्री खरीद के लिए 1165 रुपये भेजने की व्यवस्था लागू की गई है।
अभिभावक के बैंक खाते में धनराशि भेजने के लिए बच्चों के अभिभावकों के डाटा डायरेक्ट बेनीफीट ट्रांसफर (डीबीटी) पोर्टल में अपलोड करना है।
खास बात तो यह है कि अभी तक जुलाई में बच्चों को सभी सामान उपलब्ध करा दिया जाता था, लेकिन पोर्टल में अपलोड कराने को लेकर अभी तक बच्चों को यूनिफार्म तक नहीं मिल पाई।
ठंड का मौसम दस्तक दे चुका है और बच्चे बिना स्वेटर और नंगे पैर स्कूल जाने को मजबूर हैं। बीएसए संजय कुशवाहा का कहना है कि डीबीटी पोर्टल में डाटा फीडिंग हो चुकी है, लेकिन कुछ बच्चों के डाटा में एरर आ रहा है।
इसके डाटा संशोधित करने का काम शुरू हो गया है। फिलहाल पहली किश्त में करीब एक लाख बच्चों के अभिभावकों के खाते में सभी सामग्री खरीद का बजट जल्द ही जारी होने की उम्मीद है। बजट शासन से सीधे अभिभावकों के खातों में आएगा।
बच्चों की संख्या - 276000
कंपोजिट स्कूल - 480
उच्च प्राथमिक - 266
प्राथमिक स्कूल - 1384
सहायता प्राप्त - 112