फोटो-06-फास्ट फूड का स्टॉल लगाकर आत्मनिर्भर बनीं ममता। स्रोत स्वयं
- फोटो : शहीद अष्टक पुस्तक।
फतेहपुर। मलवां ब्लॉक के गुगौली गांव की निवासी ममता फास्ट फूड का रोजगार कर आत्मनिर्भर बनी हैं। वह अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति के बावजूद उन्होंने एनआरएलएम के सहयोग से ऋण लेकर फास्ट फूड का स्टाल शुरू किया और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया।
ममता वर्ष 2021 में एनआरएलएम के श्रद्धा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त किए और कई प्रदर्शनी कार्यक्रमों में भी भाग लिया। इस दौरान अन्य महिलाओं को स्वरोजगार करते देख उन्होंने स्वयं भी कुछ करने का निर्णय लिया।
आर्थिक कठिनाइयों के कारण शुरुआत में कई समस्याएं सामने आईं। इनकी जानकारी उन्होंने एनआरएलएम के अधिकारियों और समूह की सदस्यों को दी। ममता का मानना है कि कोई भी रोजगार छोटा या बड़ा नहीं होता। इसी सोच के साथ वर्ष 2023 में उन्होंने एनआरएलएम से ऋण लेकर फास्ट फूड का कार्य प्रारंभ किया।
शुरुआती परेशानियों के बावजूद परिवार के सहयोग से उन्होंने काम जारी रखा। आज इस रोजगार से वह पूरी तरह स्वावलंबी बन चुकी हैं और अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी दे रही हैं।
उनके कार्य में परिवार का पूरा सहयोग मिला है। वह न केवल अपने समूह के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। ममता का फास्ट फूड स्टाल अब महिला सशक्तीकरण की एक प्रेरक मिसाल बन चुका है, जिसे देखकर अन्य महिलाएं भी आगे बढ़ने का साहस जुटा रही हैं।
फोटो-06-फास्ट फूड का स्टॉल लगाकर आत्मनिर्भर बनीं ममता। स्रोत स्वयं- फोटो : शहीद अष्टक पुस्तक।