फतेहपुर। जनपद में सहकारी समितियों के साथ प्राइवेट दुकानों से खाद का वितरण निर्धारित मूल्य पर ही होना है। लेकिन प्राइवेट दुकानों पर निर्धारित धनराशि से सौ रुपये तक अधिक लिए जा रहे हैं। इस वजह से मजबूरी में किसान निर्धारित 1350 रुपये में खाद लेने के लिए समितियों में सुबह से लाइन लगा रहे हैं।
जिले में 960 प्राइवेट दुकानों व 80 सहकारी समितियों से खाद का वितरण हो रहा है। समितियों में 2743 मीट्रिक टन व प्राइवेट दुकानों में 1500 मीट्रिक टन खाद है। सोमवार को गाजीपुर, असोथर, विकासखंड धाता की समितियों के बाहर खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ लगी रही।
वहीं, प्राइवेट दुकानों में सन्नाटा पसरा रहा। किसानों का कहना है कि प्राइवेट दुकानों में 50 से लेकर 100 रुपये तक अधिक वसूले जा रहे हैं, इसलिए समिति में लाइन लगाना मजबूरी है। वहीं कृषि अधिकारी नरोत्तम कुमार ने बताया कि किसी भी प्राइवेट दुकानदार को खाद को दाम बढ़ाकर बेचने का अधिकार नहीं है।
इसके लिए लगातार एसडीएम व नायब तहसीलदार के साथ दुकानों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद कोई सूचना आती है, तो कार्रवाई की जाएगी। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता मोहसिन जमील ने बताया कि रविवार डीएपी की नई रैक 2743 मीट्रिक आई है। इसमें 2147 मीट्रिक टन खाद समिति और शेष इफको केंद्रों को दी गई है।
सभी से किसानों के लिए खाद का वितरण होना है। 25 समितियों में सोमवार को खाद भेजी गई है, तो बाकी में मंगलवार व बुधवार को खाद की रैक पहुंच जाएगी।
किसान बोले-दुकान में कीमत अधिक होने के कारण लाइन में लगना मजबूरी
धाता विकासखंड के कबरें निवासी रामराज ने बताया कि सुबह आठ बजे से समिति के बाहर खड़े हैं। लेकिन खाद नहीं मिली है। प्राइवेट दुकान में खाद की कीमत अधिक होने के कारण लाइन में लगना मजबूरी है। असोथर के देवी प्रसाद ने बताया कि समिति में खाद की जानकारी मिली है। सुबह से उसी को लेने के लिए खड़े हुए है। प्राइवेट दुकानों में खाद की कीमत अधिक है। इसलिए समिति के चक्कर लगा रहे हैं।