अस्पताल रोड पर अलाव तापते राहगीर
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कोहरे की धुंध हटने के बाद भी गलन से राहत नहीं मिली। दिन में धूप से राहत के बाद शाम को फिर से गलन बढ़ गई। कड़ाके की ठंड के कारण आम जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। उधर, बिंदकी में ठंड लगने से एक किसान की मौत हो गई।
अभी भी कड़ाके की ठंड थमने का नाम नहीं ले रही। सुबह खेतों में लहलहाती फसल की पत्तियों में पाले की पर्त जमा रही। धूप निकलने के बाद फसलों का असली रंग दिखाई पड़ा। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंडों में यात्री ठिठुरते रहे।
जहां पर अलाव थे, वहां पर राहगीरों की भीड़ रही। जिला अस्पताल गेट के पास तीमारदार अलाव घेरे रहे। ठंड के कारण बस स्टैंडों में सुबह यात्रियों का टोटा था। ऐसे में निजी यात्री बसें सुबह गंतव्य को रवाना नहीं हो र्पाइं। ठंड के कारण रेल सेवाएं भी प्रभावित रहीं। स्टेशन पर यात्रियों को घंटों ट्रेन का इंतजार करना पड़ा। कालका, महानंदा, पुरुषोत्तम, संगम, जोधपुर हावड़ा, मुरी, नंदनकानन, तूफान, रीवां, प्रयागराज घंटों देरी से प्लेटफार्म पर पहुंची। दूसरी ओर बिंदकी प्रतिनिधि के मुताबिक, कोतवाली क्षेत्र के महरहा रोड निवासी प्रतीक कुमार शुक्ला(45) बुधवार की शाम खेत की तरफ गए थे। लौटते समय उन्हें ठंड लग गई। हालत बिगड़ने पर परिजन कानपुर ले जा रहे थे, रास्ते में मौत हो गई। पोस्टमार्टम हाउस में किसान के भाई अखिलेश व मिथलेश ने बताया कि खेत से लौटने के बाद अचानक ठंड लगने से भाई के हृदय में दर्द शुरू हो गया था। उन्हें लेकर सीएचसी पहुंचे। डाक्टरों ने रेफर किया, कानपुर ले जाते समय सांसें थम गईं।