फतेहपुर। किसान की हत्या में खागा पुलिस की कार्रवाई पर एक बार फिर से सवाल उठने लगे हैं। परिजन का आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी पुलिस आरोपियों के घर तक नहीं पहुंची। इससे उनका मनोबल बढ़ता गया और बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया। इसी बीच हाल ही के दुष्कर्म कांड में भी लापरवाही को लेकर पुलिस पहले ही सवालों के घेरे में रह चुकी है।
खागा कोतवाली क्षेत्र के नरवा संग्रामपुर गांव में किसान फूल सिंह की हत्या के बाद परिजन ने रात में पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। पत्नी रामा देवी ने आरोप लगाया कि सात मई को देवर जय सिंह की पिटाई के बाद आठ मई को प्रधान समेत अन्य लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसके बाद भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की और न ही उनके घर तक दबिश दी।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि पुलिस लगातार दबिश दे रही है लेकिन आरोपी घर से फरार हैं। मामले की जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के लिए एसओजी, सर्विलांस और इंटेलिजेंस टीम लगाई गई है।
पत्नी बोली पति के पास रुपये भी थे
रामा देवी ने बताया कि उनका दो माह पहले ऑपरेशन हुआ था। इलाज के लिए पति उन्हें प्रयागराज ले जाने वाले थे। रुपये का इंतजाम करने के लिए वे पहले मायके गए और वहां से भी व्यवस्था न होने पर गहने गिरवी रखने गए थे। उनके पास गहनों की गिरवी की रकम थी। परिजन का आरोप है कि हत्या के बाद उनके पास से मोबाइल ही मिला। रुपये भी छीन लिए गए।
बड़ी बेरहमी से किया हमला
परिजन के अनुसार हमलावरों ने पहले फायरिंग की जिससे फूल सिंह बाइक से गिर पड़े। इसके बाद लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला किया गया। आरोप है कि दोनों पैरों को कुल्हाड़ी से काट दिया गया और हाथ भी तोड़ दिए गए। शव सड़क से करीब 50 मीटर दूर मिला। माना जा रहा है कि वह जान बचाकर भागे थे। संख्या अधिक होने से बच नहीं सके। ग्रामीणों के अनुसार घटना के बाद आरोपियों ने खुद एंबुलेंस को सूचना दी।
पापा का साथ यहीं तक था... कह फफक पड़ा अमन
सब्जी बेचकर छोटा बेटा अमन घर लौट गया था। पिता बाद में बाइक से आ रहे थे। घटना को याद कर वह फफक पड़ा और बोला कि पापा ने कहा था तुम घर जाओ, मैं आ रहा हूं...लेकिन उनका साथ यहीं तक था। अब घर का सहारा कौन बनेगा। यह कहते हुए उसकी आंखें भर आईं। किसान के वीरबहादुर (20), अमन (12), मनीषा देवी (23) और रोशनी (16) हैं।