विश्व जल दिवस पर रविवार को जल संचयन के साथ-साथ
ग्रामीण अंचलों में साफ सफाई पर विशेष जोर दिया गया। जल संकट की चुनौतियोें
से निपटने और गंदगी से उबारने की सीख के साथ सजगता को हथियार बनाने की
नसीहत दी। कहा कि भविष्य की चुनौतियों से पार पाने को अभी से अलर्ट हो जाना
बेहतर है।
विकास भवन के सभागार में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के
अंतर्गत विश्व जल दिवस पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें 16 मार्च से 22
मार्च तक चले राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता जागरण सप्ताह पर चर्चा
हुई।
डीपीआरओ नंदिनी जैन ने जल संचयन को समय की दरकार बताते हुए
कहा कि आने वाले समय में उत्पन्न होने वाले जल संकट से निपटने को अभी से
प्रयास करने होंगे। जल की बर्बादी रोक संचय करने से जल संकट से निजात
मिलेगी। स्वच्छता को जीवन से जोड़ते हुए इस अभियान को और बेहतर आयाम देने
की वकालत की।
मुख्य अतिथि अतरहा ग्राम पंचायत के प्रधान गोवर्धन ने
भी जल संचयन और स्वच्छता को जिंदगी का सार बताया। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण
के जिला समन्वयक शरद अवस्थी ने स्वच्छता और स्वास्थ्य पर रोशनी डाली।
सारथी
फाउंडेशन के डीपीएम मदन ने ग्रामीणों के बीच चल रही गतिविधियों की
जानकारी दी। कार्यशाला में ग्रामीणों के वाश फोरम और स्वच्छता समूहों से आई
महिलाओं ने भी विचार रखे।
इस मौके पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत
रविकांत त्रिपाठी, राधा, अवधेश बिहारी, महेश शंकर बाजपेई, गया प्रसाद
तिवारी, बीपी सिंह, बीपी पांडेय, राशिद अली, नंदलाल भी मौजूद रहे।