जब भरत को पता चला कि भइया श्रीराम सेना के साथ वापस आ
रहे हैं तो वह दौड़ते हुए प्रभु से मिलने पहुंचते हैं। भरत को गले लगाते
ही प्रभु श्रीराम के नयन छलक पड़े। इस दृश्य को देखकर भक्त भी भाव विभोर हो
उठे।
गुरुवार को भरत मिलाप का मंचन किया गया जिसे देख दर्शक मंत्र
मुग्ध हो गए। भरत मिलाप पर कलक्टरगंज में मेला लगाया गया जिसमें पहुंचकर
लोगों ने खरीददारी की और स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया।
ज्वालागंज
रामलीला कमेटी की ओर से विघ्नहर्ता मंगलकारी भगवान गणेश, महादेव शिव शंकर,
तुलसीदास जी, देवी गंगा, जामुवंत, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम,
लक्ष्मण, सुग्रीव, अंगद, बीर हनुमान, आदिशक्ति मां जगदंबा दुर्गाजी, विष्णु
जी, ब्रम्हा जी, सरस्वती देवी की शोभायात्रा नगर में घूमी।
लोगों ने जगह
जगह देवी देवताओं की शोभायात्रा का स्वागत किया और आरती उतारी। कलक्टरगंज
में मेले का आयोजन हुआ जिसमें शहर और गांवों से भी लोग पहुंचे।
इस दौरान
शांति व्यवस्था बनाने में पुलिस को सक्रियता दिखानी पड़ी। शोभायात्रा में
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रमेश चंद्र सेठ, राजेश चंद्र गुप्ता, महामंत्री
रामजी श्रीवास्तव, अनिल सिंह आदि भक्तों ने बढ़ चढ़कर सहयोग किया।