फतेहपुर/असोथर। दो उपकेंद्र से जुड़े 350 गांवों के एक लाख लोगों की बिजली 24 घंटे से बंद है। बिजली कर्मचारी दो दिन में अभी तक फाल्ट नहीं खोज पाए हैं। इससे 1100 ट्यूबेलों से फसलों की सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है। लोगों में आक्रोश है।
थरियांव और असोथर उपकेंद्र को राधानगर 132 केवीए ट्रांसमिशन से विद्युत आपूर्ति होती है। थरियांव उपकेंद्र की 33 केवीए लाइन में सोमवार को दोपहर करीब ढाई बजे तेज हवा के दौरान फाल्ट हो गया। इससे उपकेंद्र व उससे जुड़े गांवों की बिजली बंद हो गई।
थरियांव उपकेंद्र के चार फीडरों से 200 गांव जुड़े हैं और 600 से अधिक ट्यूबेल लगे हैं। जिनसे किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। इसी प्रकार असोथर उपकेंद्र की भी शाम को तीन बजे 33 केवीए लाइन में फाल्ट हो गया।
इससे उपकेंद्र के पांचों फीडर से जुड़े गांव की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। असोथर उपकेंद्र से 150 गांवों को बिजली दी जाती है और 500 किसानों के ट्यूबेल लगे हैं। निजी ट्यूबेलों के अलावा करीब 25 राजकीय नलकूप भी चल रहे हैं।
जो बिजली के फाल्ट की वजह से बंद हैं। 24 घंटा बीतने के बाद भी उपकेंद्र के कर्मचारी व अधिकारी फाल्ट सही नहीं कर पाए हैं। जिन किसानों को धान के फसलों की सिंचाई करनी है। वह ट्यूबेल में रातदिन रहकर बिजली आने का इंतजार कर रहे हैं।
थरियांव उपकेंद्र की 33 केवीए लाइन का फाल्ट सही कराकर राधानगर से आपूर्ति चालू कराई गई, लेकिन फिर फाल्ट हो गया। अब उपकेंद्र के लाइनमैनों से एक-एक खंभे को दिखाया जा रहा है। जल्द ही फाल्ट सही कराकर आपूर्ति बहाल कराई जाएगी। असोथर उपकेंद्र का फाल्ट सही हो गया है। दोपहर तीन बजे से रोस्टिंग है। उपकेंद्र में बिजली आते ही सभी फीडरों की आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी। - जाहिद सिद्दीकी, उपखंड अधिकारी, असोथर।