जाफरगंज (फतेहपुर)। खजुहा ब्लाक के खूंटाझाल गांव में पंद्रह दिन से संक्रामक बीमारी फैली है। बृहस्पतिवार की रात तेज बुखार से एक पांच साल के बच्चे की मौत हो गई। उसके माता-पिता रो-रोकर बेहाल हैं। बुखार से बच्चे की मौत और पूरे गांव में सौ से अधिक लोगों को बुखार आने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रेस्पांस टीम शुक्रवार को गांव पहुंची। खून के नमूने लेकर कई लोगों की स्लाइड बनाई गई।
खूटांझाल गांव में बुधवार को गांव के किसान विवेक सिंह के पांच वर्षीय इकलौते बेटे आदर्श को तेज बुखार आया। गांव के इलाज से बेटा ठीक नहीं हुआ तो घर वाले उसे अगले दिन गुरुवार को कानपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए। रात में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। डाक्टरों ने बताया कि आदर्श की रक्त कणिकाएं इतनी कम हो चुकी थी कि उसकी किडनी और फेफड़े बेकार हो गए थे। उसे बचाया नहीं जा सका। आदर्श कक्षा
एक का छात्र था। आदर्श के साथ ही गांव में बच्चों से लेकर बुर्जुगों तक तकरीबन सवा सौ लोगों बुखार की जद में हैं। शुक्रवार को गांव में बीमारी की खबर मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रेस्पांस टीम गांव पहुंची। जिसमें डॉ. अफाक अहमद, डॉ. अब्दुल्ला, डॉ. शांती स्वरूप और सीएचसी खजुहा प्रभारी डॉ. विमल ने गांव के 128 लोगों का परीक्षण किया। ज्यादातर लोग बुखार, जुकाम और सिरदर्द से पी़ित निकले। इनमें से 20 लोगों में मलेरिया के लक्षण पाए गए। इनकी स्लाइड बनाकर ब्लड का सैंपल लेकर लैब भेजा गया। गांव में स्वास्थ्य टीम ने फागिंग भी करवाई और ग्रामीणों को सफाई रखने के लिए जागरूक किया। टीम ने ग्रामीणों को बताया कि अपने आसपास मच्छरों को न जमा होने दें।
फतेहपुर। कानपुर की सीमा से सटे गांवों में बढ़ रही मच्छर जनित बीमारी और उससे प्रभावित हो रहे मरीजों का हाल जानने के लिए सीएमओ डॉ. उमाकांत पांडेय पहुंचे। सीएमओ ने जहानाबाद स्वास्थ्य केंद्र, कलाना, धर्मदासपुर और नोनारा गांव में जाकर वहां के मरीजों से मुलाकात की और सामान्य लोगों का भी परीक्षण कराया। सीएमओ ने इन गांवों के प्राइवेट अस्पताल भी देखे और इसके साथ ही सीएमओ ने इन गांवों में फॉगिंग भी कराई। उन्होंने बताया कि गांव में अभी स्वास्थ्य टीमें एक सप्ताह तक रुकी रहेंगी।