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डीएम पर भारी पड़ा बीडीओ का कद

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फतेहपुर। जिला प्रशासन के एक फरमान की पूरे महकमे में चर्चा हो रही है। विजयीपुर ब्लाक में पूर्व में तैनात रहे खंड विकास अधिकारी गोपीनाथ पाठक के पद और कद के बीच प्रशासन खुद ही पशोपेश में पड़ गया है। इसकी बानगी जिलाधिकारी के एक ही दिन में जारी किए गए दो आदेशों से देखने को मिली। डीएम ने सुबह बीडीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देकर एक सप्ताह का वेतन रोका और शाम को उसी बीडीओ की उसी ब्लाक में तैनाती कर दी, जहां से उन्हें हटाया गया था।
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प्रशासन के इस अजब-गजब आदेश की पूरे महकमे में चर्चा हो रही है। विजयीपुर के खंड विकास बीडीओ रहे गोपीनाथ पाठक अपनी गैर जनपद की तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा चुके हैं। विजयीपुर में भी प्रधानों और ब्लाक प्रमुख के देवर और स्थानीय जिला पंचायत सदस्य से इनकी तनातनी के चर्चे आम थे। बीडीओ ने अपने ही ब्लाक प्रमुख के सगे देवर और जिला पंचायत सदस्य नितिन यादव के खिलाफ एफआईआर तक करा
दी थी। इन्हीं सब विवादों, बैठकों से गायब रहने के चलते जिलाधिकारी ने उन्हें बीडीओ विजयीपुर के पद से हटाकर जिला मुख्यालय में संबद्ध कर दिया था। शुक्रवार की सुबह ही डीएम ने उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय निर्माण मामलो में लापरवाही बरतने और जिला मुख्यालय से संबंद्धीकरण के बाद गायब रहने सहित
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अन्य मामलों को लेकर प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए उनका एक सप्ताह का वेतन रोकने का आदेश किया। सुबह प्रतिकूल प्रविष्टि का आदेश जारी करने के बाद शाम को ही डीएम ने गोपीनाथ पाठक को दोबारा विजयीपुर ब्लाक में अचानक तैनाती दे दी। जिस ब्लाक में खराब काम और लापरवाही के चलते बीडीओ को हटाया गया और प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई, उसी ब्लाक में दोबारा तैनाती हो जाने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सरकारी महकमे में चर्चा है कि बीडीओ को हटाने और दोबारा तैनाती देने में जबरदस्त राजनीतिक दबाव भी पर्दे के पीछे की बड़ी वजह है।
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