फतेहपुर में ग्रामीणों को उनके घरों का स्वामित्व देने के लिए खतौनी की तरह घरौनी दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत प्रथम चरण में पांच गांवों का सर्वेक्षण अभियान शुरू किया गया है। बुधवार को अपर जिलाधिकारी पप्पू गुप्त और तहसीलदार विदुषी सिंह की मौजूदगी में ड्रोन से गांवों में बने घरों का सर्वेक्षण किया गया।
एडीएम पप्पू गुप्त ने बताया कि हसवा ब्लाक के चकनथनपुर, फरीदपुर उसरैना, बल्हेमउ, प्रयागदासपुर, शंकरपुर और भिटौरा ब्लाक के रहिमापुर सानी, कोंडरपुर, कमालपुर, सचौली, रसूलपुर गांवो में ड्रोन के माध्यम से सर्वे कराया गया। ड्रोन तकनीक से ग्रामीण आबादी का सर्वे कर आबादी का घनत्व देखा गया और अक्षांस एवं देशांतर के मानक पर लोगों के घरों की लंबाई और चौड़ाई मापी गई। इसी आधार पर लोगों के घरों की घरौनी तैयार की जाएगी।
एडीएम ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इन गांवों को चुना गया है। सर्वे के बाद आगामी दो अक्तूबर को इन गांवों के ग्रामीणों को उनके घरों का स्वामित्व प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इससे गांव स्तर पर संपत्ति के विवादों के निस्तारण में बड़ी सहूलियत मिलेगी और साथ ही कई स्थानो में तो विवादों का अंत ही हो जाएगा।