सोमवार को दिन में तेज धूप और लू के थपेड़ों से जहां लोग परेशान हो गए, वहीं शाम को आई तेज आंधी और हल्की बूंदाबांदी ने मामूली राहत दी। इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सूर्य देव के तीखे तेवर से पारा लगातार उछल रहा है। इससे हर कोई गर्मी से बेहाल है।
सोमंवार सुबह से ही सूरज की तपिश बढ़ गई। दोपहर लगभग एक बजे से दो बजे के बीच अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री पहुंच गया। न्यूनतम तापमान बढ़कर 27.8 डिग्री पहुंच गया। आद्रता भी अधिक रही। इससे छांव वाली जगह उमस और सड़क पर तपन बढ़ी। हालात यह रहे कई जगह प्याऊ पर पानी पिलाने वाले छांव ढूंढते नजर आए।
उधर बिजली की अंधाधुंध कटौती ने लोगों का सुख चैन छीन रखा है। रविवार रात चार घंटे और सोमवार सुबह ढाई घंटे बिजली कटौती से लोग परेशान रहे। दोपहर भी अतिरिक्त कटौती ने हर किसी की मुश्किल बढ़ाई। शाम को अचानक आसमान में बादल छा गए और आंधी चलने लगी। इससे बिजली गुल हो गई। तेज आंधी के साथ छिटपुट बूंदाबांदी भी हुई।
तेज आंधी के साथ तूफान से रविवार शाम विद्युत विभाग को जहां क्षति हुई वहीं बिजली का संकट खड़ा हो गया। आंधी और तूफान के कहर से एक दर्जन गांवों में बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ कर गिर गए। जिससे किसानों को भारी नुुकसान हुआ है।
क्षेत्र के भखरना, रामीपुर, संग्रामपुर, सिठियानी, नरवा और वैसापुर आदि गंावों में आंधी और तूफान का कहर बरपा। रामीपुर के भोला तिवारी के नलकूप का ट्रांसफार्मर और दो खंभे जमींदोज हो गए। गिरजाशंकर के नलकूप का खंभा, विजय तिवारी के घर की दीवार, संग्रामपुर के रामप्रसाद यादव के घर की टीन, भखरना गंाव के विभाग का एक ट्रांसफार्मर और दो खंभे गिर गए। इसके अलावा करीब डेढ़ सैकड़ा आम, महुआ, बबूल, नीम, आंवला आदि के पेड़ जड़ से उखड़ गए।