फोटो-20-ओपीडी करता लैबटेक्नीशियन। संवाद
- फोटो : 1
खखरेरू। धाता ब्लॉक के यमुना तटवर्ती कोट गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होने का आरोप है। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र पर तैनात डॉक्टर भावना सिंह कभी-कभार ही अस्पताल आती हैं। मरीजों की जांच और उपचार की जिम्मेदारी फार्मासिस्ट व लैब टेक्नीशियन के भरोसे है।
डॉक्टर न मिलने से कई बार मरीज मायूस होकर लौटते हैं। यह पीएचसी करीब पांच हजार लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। दूसरा अस्पताल लगभग 12 किलोमीटर दूर है। बरसात में बुखार, सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों के मरीज बड़ी संख्या में उपचार को आते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि डॉक्टर की गैरमौजूदगी में फार्मासिस्ट या लैब टेक्नीशियन ही मरीजों को देखते और दवाएं देते हैं। सीएमओ डॉ. उदय बीर सिंह ने मामले की जांच कराने और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की बात कही है।
फोटो-20-ओपीडी करता लैबटेक्नीशियन। संवाद- फोटो : 1