धाता। कौशांबी के सैनी थाना क्षेत्र के बिजलीपुर गांव के बाहर एक कब्र में दफन शव रहमान का है या फिर धाता के सूरज का, इसका पता करने के कब्र की खोदाई कराई जा सकती है। सूरज के परिजनों ने बुधवार को कौशांबी डीएम और एसपी को प्रार्थनापत्र देकर कब्र खोदवाने की मांग की है। उन्होंने बेटे का शव होने के साक्ष्य भी अधिकारियों को सौंपे हैं।
धाता निवासी संतराज का पुत्र सूरज बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है। वह 11 जून से लापता है। परिजनों ने थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई है। बेटे की तलाश करते हुए कुछ दिन पहले सूरज के परिजन कौशांबी के सैनी कोतवाली पहुंचे। यहां उन्हें पता चला कि 11 जून को बनपुकरा गांव के पास रेलवे लाइन पर एक युवक का शव मिला था।
उसकी शिनाख्त बिजलीपुर गांव के एक मुस्लिम परिवार ने अपने पुत्र रहमान के रूप में की थी और शव का पोस्टमार्टम होने के बाद उसे दफना दिया था।
इस पर सूरज के परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस में रखी पोटली और मृतक के कपड़े देखे तो वे दंग रह गए। शव की तस्वीर, कपडे़, हेयर स्टाइल आदि सभी चीजें उनके पुत्र सूरज से मिल रही हैं। शंका होने पर परिजनों ने पुलिस की मदद से अपने पुत्र सूरज के मोबाइल फोन की अंतिम लोकेशन पता कराई तो वह भी 11 जून को बनपुकरा गांव की ही निकली। यहीं नजदीक शव भी मिला था।
इस पर पिता संतराज ने डीएम कौशांबी को प्रार्थना पत्र देकर बिजलीपुर गांव में बनी कब्र से शव को बाहर निकालकर उसका डीएनए टेस्ट कराने की मांग की। ताकि पता चल सके कि शव किसका था।
पिता संतराज ने रेलवे लाइन किनारे से मिली तस्वीरों व सूरज द्वारा पहने जाने वाले अंडर गारमेंट्स के डिब्बे से तस्वीरों को मिलाया है। इसके अलावा जिस रंग की उसने बनियान व पैंट पहनी थी, वह भी सूरज की ही निकली। सूरज के चेहरे का रंग, उसकी हेयर स्टाइल, दाहिने हाथ में धागा भी शव की तस्वीर से मिल रहा था। सबसे अहम बात मोबाइल की अंतिम लोकेशन का बनपुकरा गांव में मिलना निकला।
बताया जा रहा है कि सूरज की मौत आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है। उसने यह कदम क्यों उठाया यह तो पता नहीं चला लेकिन उसने मोबाइल के स्टेटस में अगले जनम में मुलाकात होने की बात लिखी थी। इससे यह माना जा रहा है कि वह किसी बात से परेशान था, जिसके चलते उसने आत्महत्या की होगी।