फतेहपुर। धान खरीद के नियम में बदलाव किया गया है। अब ऑनलाइन टोकन पर ही धान की तौल होगी। अगर उस तारीख में किसान अपने धान की तौल नहीं कराता है, तो शाम सात बजे के बाद टोकन निरस्त हो जाएगा। अचानक खरीद का नियम बदलने से शुक्रवार को क्रय केंद्रों में सन्नाटा पसरा रहा।
अब किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण के साथ धान की तौल कराने के लिए ऑनलाइन टोकन भी लेना होगा। टोकन में किस तारीख में धान की तौल कराई जाएगी। यह तय किया जाएगा। जब किसान क्रय केंद्र में धान लेकर जाएगा तो पहले ई-पॉप मशीन में उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके बाद तौल शुरू कराई जाएगी। शाम के चार बजे तक किसानों को क्रय केंद्र पहुंचना होगा और तौल के बाद शाम सात बजे तक ई-पॉप मशीन में खरीद फीड करानी होगी। मंडी परिसर में संचालित क्रय केंद्रों में दो कांटे चलाए जाएंगे और अन्य क्रय केंद्रों में एक कांटे से तौल कराई जाएगी। प्रत्येक कांटे में 350 क्विंटल धान की तौल एक दिन में की जा सकेगी। जो किसान क्रय केंद्र में शाम चार बजे तक उपस्थिति दर्ज नहीं कराते हैं, उनका टोकन निरस्त हो जाएगा।
किसान अपने धान को अब एक ही क्रय केंद्र में बेच सकेंगे। इसके लिए ऑनलाइन टोकन में क्रय केंद्र का नाम दर्ज करना होगा। ज्यादा धान होने की स्थिति में किसान तीन बार में अपने धान की तौल करा सकता है।
क्रय केंद्र में ऑनलाइन टोकन पर खरीद का नियम शुक्रवार को अचानक लागू होने से ऑफलाइन टोकन वाले किसान भटकते रहे। सुबह धान की तौल कराने के लिए किसान क्रय केंद्र में आए जरूर, लेकिन उनके धान की तौल नहीं हो सकी। केंद्र प्रभारियों ने शासन से जारी नए नियम का हवाला देकर किसानों को लौटा दिया।
ऑनलाइन टोकन पर खरीद होने की सूचना मिलते ही कैफे, सहज जनसेवा केंद्रों में किसानों की भीड़ जुट गई। दोपहर से किसान धान बेचने के लिए टोकन लेने का प्रयास करते रहे, लेकिन वेबसाइड में दिक्कत बनी रही। किसानों के पंजीकृत मोबाइल नंबर में ओटीपी नहीं आई, जिस कारण से टोकन जारी नहीं हो सके।
अब ऑनलाइन टोकन पर ही किसानों के धान की खरीद होगी। इसके लिए किसानों केे टोकन लेना होगा। केंद्र प्रभारी अब ऑफलाइन धान की तौल नहीं करा पाएंगे। सभी किसान अपने धान के पंजीयन में टोकन भी ऑनलाइन करा लें। टोकन वाली तारीख पर ही धान क्रय केंद्र लेकर जाएं।
- अविनाश झा, जिला खाद्य विपणन अधिकारी