फतेहपुर। डेेंगू का डंक जिले में अपना दायरा बढ़ता जा रहा है। बुधवार को डेंगू पीड़ित किशोर की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि एक महिला में डेंगू की पुष्टि के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिले में अभी तक छह लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं, इनमें दो की मौत हो चुकी है।
दो दिन पूर्व डेंगू के भेजे गए नमूनों में एक को डेंगू की पुष्टि हो गई। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग को मिली रिपोर्ट के मुुताबिक हसवा क्षेत्र के सेमरी गांव की सविता देवी को डेंगू होने की पुष्टि हुई है।
शाह प्रतिनिधि के मुताबिक, जैतपुर मजरा निवासी 13 वर्षीय अरजित सिंह पुत्र संजय सिंह को दो दिन पहले तेज बुखार आया था। इसके बाद परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती किया। जहां हालात चिंताजनक देखते हुए डॉक्टरों ने कानपुर हैलट रेफर कर दिया। लेकिन परिजनों ने प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया।
कानपुर की ही प्राइवेट पैथालॉजी की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान बुधवार को अरजित की अस्पताल में मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अरजित संजय का इकलौता बेटा था।
उसकी बड़ी बहन शिवानी सिंह व मा सुलेखा देवी का हाल बेहाल है। परिजनों ने भिटौरा घाट पर अंतिम संस्कार किया। डेंगू से मौत की खबर सुनकर ग्रामीणों में दहशत है। गांव में गंदगी का अंबार लगा है। अरजित से पूर्व मकदूमपुर के बृजेश सिंह की भी डेंगू से मौत हो चुकी है।
कापिल गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम
अमौली ब्लाक के कापिल गांव में बुखार से मोहनलाल की मृत्यु हो जाने के बाद बुधवार को पीएचसी से मेडिकल टीम पहुंची। टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और दवाएं वितरित कीं। टीम ने 27 मरीजों का परीक्षण किया। जिसमें से नौ बुखार और 18 अन्य रोगों से पीड़ित मिलेे। टीम ने लक्षण के आधार पर डेंगू और मलेरिया के नौ-नौ लोगों की स्लाइड बनाई गईं।
85 संदिग्धों के लिए नमूने
सीएमओ डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि डेंगू की वजह से अलर्ट जोन में शामिल गांवों से लक्षण मिलने के आधार पर डेंगू और मलेरिया के सैंपल लिए गए। दिनभर में डेंगू से मिलते-जुलते लक्षण वाले 85 रोगियों की स्लाइडें बनाई गईं। इसी क्रम में मलेरिया से मिलते-जुलते लक्षण वाले 304 मरीजों का टेस्ट किया गया।