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Fatehpur News: पिता की अर्थी से पहले उठी बेटी की डोली, हर आंख नम

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जाफरगंज। शादी की शहनाई न बरातियों का हुल्लड़, कुछ ऐसे ही माहौल में नीलम ने सोमवार रात फेरे लिए और फिर कुछ ही घंटों में ससुराल के लिए विदा हो गई। इधर, मंगलवार सुबह पिता किशनपाल कुशवाह के शव का पोस्टमार्टम हुआ और फिर दोपहर बाद उनकी अर्थी उठाई गई। जिस किसी ने भी ये दोनों मंजर देखे उनका कलेजा फट गया और आंखों से आंसू रुक न सके।
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बता दें कि सगरा गांव निवासी मजदूर किशन की बेटी नीलम की सोमवार को बरात आनी थी। शादी की तैयारी के लिए किशन दोपहर को घर से निकला था, कुछ देर बाद ही रास्ते में उसका शव पड़े होने की सूचना आई थी। संदिग्धहालात में उसकी मौत पर हत्या और आत्महत्या दोनों की चर्चा थी। हालांकि पुलिस हार्ट अटैक की भी आशंका जता रही थी। सोमवार देर रात ही नीलम की बरात कानपुर देहात से आ गई।
रिश्तेदारों के कहने पर देर रात ही फेरे कराने का निर्णय लिया गया, लेकिन ब्याह कराने को कोई पंडित राजी नही हो रहा था। उन्हें डर सता रहा था कि किसी विवाद में न फंसे जाए। काफी देर बाद शादी की रस्में सादगी से पूरी की गई और तड़के ही नीलम को उसके पति विष्णु के साथ विदा किया गया। उसके ससुराल वालों ने उपहार के किसी सामान को हाथ लगाना भी उचित नहीं समझा और सिर्फ किशन की बेटी को ही साथ लेकर चले गए। नीलम के आंसू थे कि थमने का नाम नहीं ले रहे थे। वह कभी अपनी मां तो कभी बहनों से लिपटते हुए हाय पापा, हाय पापा चीख रही थी।
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इधर, दूसरी ओर मंगलवार सुबह घर के सभी लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां किशन के शव का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है। किशन के परिजनों ने बताया कि पिता की मानसिक स्थिति सही नहीं थी, हो सकता है कि उन्होंने जहर खाया हो। फिलहाल एक ही घर में एक साथ शादी और मौत ने पूरे सगरा गांव के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। देर शाम भिटौरा घाट पर किशन के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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