पटेल नगर स्थित नगर पालिका का नलकूप। संवाद
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फतेहपुर। भूजल स्तर तेजी से गिरने से नलकूपों की जलापूर्ति क्षमता भी घट गई है। 20 फीट जलस्तर खिसकने से प्रति मिनट 1100 लीटर पानी देने वाले नलकूप अब 800 लीटर ही पानी दे रहे हैं। प्रति मिनट 300 लीटर पानी कम निकलने से शहर में पानी की सप्लाई 135 लीटर प्रति व्यक्ति से घटकर 87 लीटर रह गई है। इससे शहर में पानी का संकट गहराने लगा है। ऊंचाई वाले मोहल्लों में तो पानी के लिए लाइन लग रही है। जल्द बारिश न हुई तो हालात और गंभीर हो जाएंगे।
नगर पालिका क्षेत्र की दो लाख आबादी को जलापूर्ति के लिए 46 नलकूप लगे हैं। इनमें 23 नलकूपों में 20 फीट अतिरिक्त पाइप जोड़कर जलापूर्ति की जा रही है। सामान्य दिनों में एक नलकूप एक मिनट में 1100 लीटर पानी निकालता है, लेकिन 20 फीट जलस्तर खिसकने से अब नलकूप एक मिनट में 800 लीटर ही पानी दे पा रहे हैं। नगर पालिका के सभी 46 नलकूप 24 घंटे में आठ घंटे चलते हैं। शहर की आबादी को तय मानक के अनुरूप जलापूर्ति देने के लिए दो करोड़ 70 लाख लीटर पानी की जरूरत है, जबकि इस समय नलकूपों से एक करोड़ 75 लाख 48 हजार लीटर पानी ही मिल रहा है।
ऐसे में पानी की कमी का असर शहर में दिखने लगा है। अब प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी की आपूर्ति की बजाय 87 लीटर ही आपूर्ति हो रही है। शहर के ऊंचाई वाले मोहल्लों में ज्यादा संकट है। जलस्तर खिसकने से शहर के चंदियाना, रस्तोगीगंज, सरायं मीना आदि मोहल्लों में जलापूर्ति प्रभावित हो गई है। इन मोहल्लों में रात के समय कुछ ही देर के लिए जलापूर्ति होती है। इससे लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है।
गर्मी के मौसम जलस्तर घटना आम बात है, लेकिन इस बार जून की शुरुआत में ही तेजी से जलस्तर घटा है। 20 फीट जलस्तर खिसकने से नलकूपों की जलापूर्ति क्षमता प्रभावित हुई है। इस्तेमाल कम कर पानी बचाया जाए। जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए नगर पालिका के तीन नलकूप निर्माणाधीन हैं। इनके तैयार होने से जलापूर्ति और बेहतर हो जाएगी। -विजय कुमार, अवर अभियंता, जलकल।