ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही से गांव उसरहाखेड़ा, नामामऊ के
सैकड़ों किसानों की हजारों बीघे की फसल में पानी भर गया और जिन किसानों की
धान की फसल कटी पड़ी थी वह पानी के तेज बहाव के कारण बह गई।
गांव नामामऊ
के किसान रामशरन, चंद्रशेखर, राजेश, धनीराम, नरेश यादव, कल्लू पटेल, धीरज,
रावेंद्र प्रताप, ग्राम प्रधान देवी दयाल गांव उसरहाखेड़ा के पूर्व प्रधान
मनोज वर्मा, राम मनोहर, सुनील कुमार, बंशगोपाल, राम कुमार, राम बिलास, लाल
बहादुर, सुरेश, इंद्रपाल फौजी, दिनेश कुमार आदि किसानों ने बताया कि
उन्होंने सूखे के इस दौर पर बड़ी ही कठिनाइयों से धान की फसल तैयार की थी।
वह भी नहर विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते पूरी तरह
बर्बाद हो गई। इन किसानों ने शासन व प्रशासन से लापरवाह अधिकारियों व
कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मुआवजा दिलाने की मांग की है।
निचली गंगा नहर के अधिशासी अभियंता आरके गुप्ता ने बताया कि खांदी दोपहर
लगभग दो बजे तक बांध दी गई। इससे पानी का रिसाव रुक गया है। खांदी बंधने के
बाद दो जेसीबी से पटरी को मजबूत किया जा रहा है।