बेमौसम हुई बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल देख किसान ने दम तोड़ दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने आर्थिक मदद का भरोसा दिया। हालांकि उनका कहना था कि पूछताछ में यह बात सामने आई है कि किसान पीलिया का मरीज था।
मदुरी गांव निवासी किसान देवी प्रसाद उर्फ पुत्तन (35)के पास चार बीघा खेत है, जिसमें उसने चना बोया था। परिजनों के मुताबिक सोमवार को वह खेत में गया।
चने की फसल बर्बाद देख दुखी मन से घर पहुंचा। मां को बताया कि इस बार जितना बीज बोया था, उतना भी चना निकलना संभव नहीं है।
ऐसी स्थिति में परिवार का खर्च कैसे चलेगा। यह कहते हुए वह गश खाकर गिर गया और कुछ देर में ही उसकी मौत हो गई। किसान की मौत से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
मृतक किसान के घर ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पाकर एसडीएम शिवप्रसाद राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया। लेखपाल को फसल बर्बादी की रिपोर्ट देने को कगा। एसडीएम ने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला कि किसान पीलिया से पीड़ित था। ऐसे में उसकी मौत सदने से नहीं मानी जा सकती है। हालांकि पूरा परिवार कृषि पर ही निर्भर है।