सुल्तानपुर घोष थाने के गांव मंडवा में अघोषित
कर्फ्यू जैसा माहौल है। पूरा गांव पुलिस पीएसी की पदचापों की आवाज से गूंज
रहा है। गांव के चप्पे-चप्पे में पुलिस और पीएसी के जवान मार्च कर रहे हैं।
घटना के बाद भारी तनाव को देखते हुए डीआईजी भगवान स्वरूप श्रीवास्तव मौके
पर पहुंच चुके हैं और डीएम राजीव रौतेला व पुलिस कप्तान ओमप्रकाश
श्रीवास्तव डेरा डाले हुए हैं। गांव के सभी मोबाइलों का संपर्क कटा हुआ है।
लाख कोशिशों को बाद गांव के किसी भी व्यक्ति से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
प्रेमनगर
से उत्तर करीब तीन किमी स्थित मंडवा गांव की आबादी करीब 2000 है। यहां पर
60 फीसदी लोग मुसलिम समाज से हैं, जबकि शेष में अन्य जातियों के लोग रहते
हैं।
अन्य जातियों में ब्राह्मण, मौर्या, पाल, पासी, गुप्ता, सोनार, माली
आदि हैं। अपराह्न करीब ढाई बजे अचानक गांव का माहौल बिगड़ गया। हुआ यूं कि
आसपास के कुछ गांवों की मां भगवती की मूर्तियां मंडवा गांव के मध्य से
गुजरने वाले आम रास्ते से विसर्जन के लिए गंगा घाट जा रही थी, जिस पर
मुसलिम समाज से विरोध किया गया, लेकिन दुर्गा भक्तों के न मानने से बवाल हो
गया।
इस दौरान बाहुल्य समाज के लोगों ने देवी भक्तों को दौड़ा-दौड़ा कर
पीटा। सूचना पर आसपास के गांवों की भीड़ एकत्र हो गई और पूरे मंडवा गांव को
घेर लिया। सूचना पर सुल्तानपुर घोष पुलिस पहुंची और स्थिति को देखते हुए
उच्चाधिकारियों को सूचना दी।
देखते ही देखते चारों तरफ से पुलिस वाहन
फर्राटे भरते पहुंचने लगे और कुछ ही देर में मंडवा गांव पुलिस छावनी में
तब्दील हो गया। तनाव का माहौल देखते हुए पुलिस ने पूरा मंडवा गांव सील
कर दिया है, किसी को भी घर के बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। भारी तादाद
में पुलिस फोर्स तैनात है।
डीएम, एसपी कैंप कर रहे हैं। डीआईजी भी घटना
स्थल पर पहुंच चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि गांव के ज्यादातर घरों के
दरवाजे अंदर से बंद हैं और पुलिस ने किसी जाति-धर्म के लोगों को घरों के
बाहर निकलने पर पाबंदी लगी दी है। पूरे गांव में पुलिस मार्च चल रहा है।