पुलिस की लापरवाही से दुकान में घुसकर दिनदहाड़े नगदी चुराने के आरोपी चलती हुई 108 एंबुलेंस से कूद कर भाग निकला। आरोपी को पीटने के बाद पब्लिक ने पुलिस को सौंपा था। वहीं व्यापारी पुलिस पर आरोपी को भगाने का आरोप लगा रहे हैं। शुक्रवार को मामला खुलने पर पुलिस आरोपी की बाइक सीज करने और उसकी तलाश में जुटी होने की बात कह रही है।
शहर के राधानगर इलाके में पुलिस चौकी के सामने बुद्धसेन गुप्ता की दुकान है। वहां गुरुवार की दोपहर दो बदमाश बाइक से आगे-पीछे पहुंचे। कपड़े दिखाने में व्यस्त होते ही दुकानदार की गुल्लक से दस हजार रुपये लेकर एक युवक भागा। उसे पब्लिक ने बाइक में बैठने से पहले दबोच लिया। दूसरा साथी, आरोपी की जेब से रुपये लेकर भीड़ में ही गुम हो गया। दुकानदार और इलाकाई लोगों ने पीटने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने आरोपी को 108 नंबर सेवा की एंबुलेंस पर बैठाया और खुद बाद में जिला अस्पताल पहुंचने की बात कह एंबुलेंस को रवाना कर दिया। एंबुलेंस ओवरब्रिज में चढ़ रही थी तभी आरोपी ने दरवाजे में लात मारी। दरवाजा खुलते ही फिल्मी अंदाज में आरोपी कूदकर भाग निकला। एंबुलेंस चालक ने घटना की पुलिस को जानकारी दी। चौकी इंचार्ज आशुतोष सिंह जीप लेकर आरोपी की तलाश में निकले।
लेकिन कामयाबी हाथ नहीं लगी। आरोपी के पास प्रेस आईडी कार्ड मिला था। इसके मुताबिक पुलिस ने उसे मध्यप्रदेश भोपाल रुसौली थाने के हुजूर वार्ड अमन कालोनी का रहने वाला सदक सैयद का बेटा रेहान बताया था। अब चौकी इंचार्ज आशुतोष सिंह का कहना है कि उसकी बाइक सीज की गई है। उसके पते का वेरीफिकेशन कराकर तलाश कर ली जाएगी।
दुकानदार बुद्धसेन गुप्ता का आरोप है कि उसे किसी ने गंभीर चोट पहुंचाने के हिसाब से नहीं पीटा था। दो चार थप्पड़ ही मारे थे। उसने जान बूझकर अपना हाल बेहाल बना लिया था। पुलिस के पास उसे लेकर पहुंचे तो उन लोगों से पुलिस अकड़ने लगी थी। तहरीर पर रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की। उल्टे ही आरोपी से मारपीट करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करने की धमकी दी। अब आरोपी के भाग जाने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर अंगुली उठ रही है।
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