हसनगंज। शंकरपुर निवासी संजय की हत्या के मामले में शक की सुई बटाईदार पर टिक गई है। घटनास्थल से डाग स्क्वायड के बटाईदार के घर तक पहुंचने व जांच में बटाईदार की पत्नी से नजदीकी की बात सामने आई है। बटाईदार की पत्नी से भी पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में संजय के शरीर में सफेद पदार्थ मिला है। सफेद पदार्थ कीटनाशक है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है।
मंगलवार को लापता हुए संजय का शव शुक्रवार को बाग में मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पता चला कि संजय ने अपने हिस्से की दो बीघा जमीन गांव के एक युवक को बटाई पर दे रखी थी। बटाईदार खेत में हरा चारा व अमरूद की खेती करता था। संजय का बटाईदार के घर आना जाना भी होता था। ऐसे में संजय की बटाईदार की पत्नी से नजदीकी हो गई थी। पुलिस का मानना है कि हो सकता है कि इसी मामले में संजय की हत्या कर दी गई हो। पुलिस का कहना है कि परिजनाें की ओर से लगाए गए हत्या के आरोप व डाग स्क्वायड के बटाईदार के घर तक पहुंचने से संजय की हत्या में बटाईदार के शामिल होने के प्रमाण मिल रहे हैं। हसनगंज थानाध्यक्ष राघवन सिंह ने बताया कि कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही खुलासा हो जाएगा।
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बड़े भाइयों से अलग रहता था संजय
संजय सिंह के बड़े भाई पप्पू व राजू शादीशुदा हैं। वह परिवार के साथ अलग रहते हैं। संजय मां विशुनदेई व बड़े भाई सरवन के साथ रहता था। सरवन ने बताया कि मंगलवार को छोटे भाई के लापता होने पर थाने में तहरीर दी थी।
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...सोनू के घर से तो नहीं आया कीटनाशक
घटनास्थल पर डाग स्क्वायड के साथ जांच के लिए पहुंची पुलिस ने संजय के शव के निकट मिलीं कीटनाशक शीशियाें को स्निफर डाग को सुंघाया था। स्निफर डाग सोनू व प्रवेश के घर के पास पहुंचा। इसके बाद वह भटक गया। माना जा रहा है कि कीटनाशक की जो शीशियां घटनास्थल पर मिलीं, वह सोनू के घर से लाई गई थीं।
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जमीन बिक्री के नहीं मिले थे पूरे रुपये
संजय ने अपने हिस्से की दो बिस्वा जमीन गांव के एक युवक को बेच दी थी। परिजनाें का आरोप है कि जमीन की बिक्री चार लाख रुपये में हुई थी। संजय को सिर्फ दो लाख रुपये मिले थे। परिजनों ने पुलिस को जमीन बिक्री का रुपया न मिलने की बात भी बताई है।
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