कोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक आरोपी को 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने मुल्जिम के खिलाफ पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। हालांकि दो आरोपियों के नाबालिग होने की वजह से सुनवाई के लिए किशोर न्यायालय भेजा है।
घटना 10 दिसंबर 2012 को औंग थानाक्षेत्र के एक गांव की है। युवती के पिता खेत पर काम कर रहे थे, तभी गांव का एक युवक आया और युवती से कहा कि उसके पिता उसे बुला रहे हैं। इस पर वह उसके साथ चली गई। यहां नलकूप पर तीन लोगों ने युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद पिता ने युवक राजेश निषाद, रवींद्र और समर के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम संगीता शर्मा ने मामले की सुनवाई की। सहायक शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता ने आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत और दलीलें पेश कीं। इस पर कोर्ट ने आरोपी युवक राजेश को वयस्क होने पर सजा सुना दी। इसके अलावा दो अन्य आरोपियों के मामले को किशोर न्यायालय में सुनवाई के लिए भेज दिया है।