कानपुर पुखरायां रेल हादसे में आतंकी साजिश का खुलासा होने के बाद एनआईए (नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी) ने जांच तेज कर दी है। अफसरों ने जीआरपी से एफआईआर और विवेचना से जुड़े सभी दस्तावेज मांगे हैं। इसके लिए जीआरपी के सीओ (झांसी) शरद प्रताप सिंह ने अफसरों ने पत्र भेजा है। माना जा रहा है कि बुधवार तक जीआरपी एनआईए को सभी दस्तावेज सौंप देगी। उधर, एनआईए टीम गुपचुप तरीके से पुखरायां में घटनास्थल के आसपास तफ्तीश में जुटी है। आसपास के गांवों के ग्रामीणों और रेलवे के कई कर्मचारियों से बातचीत कर टीम ने मामले की तह तक जाने की कोशिश की।
सूत्रों की मानें तो एनआईए के आईजी लौट गए हैं, लेकिन उनकी टीम यहां डेरा डाले हैं। अफसर सादे लिबास में पुखरायां और आसपास के गांवों में घूम कर घटना के बारे में टोह लेने में जुटे हैं। जीआरपी सीओ (झांसी) शरद प्रताप सिंह ने बताया कि पुखरायां रेल हादसे की रिपोर्ट उरई जीआरपी में दर्ज हुई थी। इसकी जांच वे खुद कर रहे थे। अब एनआईए को जांच सौंपी गई है। एनआईए अफसरों को एफआईआर, अब तक की विवेचना और पूछताछ के कागजात केसाथ फोटोग्राफ्स व वीडियो रिकार्डिंग सौंप दी जाएगी।
सिमी से जुड़े रहे एक शख्स पर नजर
पुखरायां, रूरा रेल हादसे और मंधना में रेल पटरी काटने की घटना को भी पुलिस और खुफिया एजेंसियां आईएसआई से जोड़कर देख रही हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियां आईएसआई और नक्सली गठजोड़ केसाथ ही प्रतिबंधित सिमी के पुराने लोगों की टोह ले रही हैं। सूत्रों की मानें तो सिमी से जुड़े रहे शहर के एक नामचीन शख्स के बारे में खुफिया छानबीन कर रही है।