बिंदकी। कोतवाली क्षेत्र के दरियापुर गांव के जंगल
में शनिवार को डेयरी मजदूर पुत्तन सोनकर का शव पेड़ पर लटका मिला। खबर
मिलते ही परिजनों ने ग्रामीणों के साथ बांदा-सागर रोड पर जाम लगाकर
नारेबाजी की। आरोप लगाया गया कि पिछले दिनों डेयरी में हुई भैंसों की चोरी
में मिलीभगत का आरोप लगाकर पुत्तन को पीटा गया और उसकी मौत के बाद
आत्महत्या का रूप देने के लिए फांसी पर लटका दिया गया। इधर, कोतवाली पुलिस
ने डेयरी मालिक और उसके तीन बेटों के खिलाफ दलित एक्ट व हत्या की रिपोर्ट
दर्ज कर ली है। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर उसके मुताबिक धाराओं
में तब्दीली की जाएगी।
दरियापुर गांव निवासी शिव परसन का बेटा पुत्तन
सोनकर (50) गांव के ही सुरेश मिश्रा की दरियापुर मोड़ स्थित मिनी कामधेनु
डेयरी में मजदूरी करता था।
डेयरी से नौ फरवरी की रात पुत्तन व अन्य छह
मजदूरों की मौजूदगी में आधा दर्जन भैंस चोरी हो गई थीं। परिवार का आरोप है
कि तभी से डेयरी मालिक पूछताछ के लिए पुत्तन को बंधक बनाकर रखे था।
शनिवार
सुबह उसका शव गांव में गोपाल के आम के पेड़ पर रस्सी से लटका मिला। सूचना
मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जुटे ग्रामीणों ने पुत्तन के शरीर पर
कई जगह चोट के निशान देखकर हंगामा शुरू कर दिया।
बांदा-सागर रोड जाम कर
देने से पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मचा। कोतवाल केके यादव के समझाने के
बावजूद शव को काफी देर तक नीचे नहीं उतारने दिया गया। काफी समझाने पर पुलिस
शव को उतार पाई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मंगलवार रात भैंस चोरी के मामले
पर डेयरी मालिक सुरेश व उसके पुत्र आशू, राजू, छोटे बाबू ने बेरहमी से
पीटकर हत्या कर दी है। कोतवाल ने मृतक के पुत्र हेमराज की तहरीर पर डेयरी
मालिक व उसके पुत्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। शव का पोस्टमार्टम
रविवार को होगा।