फतेहपुर। अवैध तरीके से केरोसिन, पेट्रोल, डीजल की शुक्रवार को धरपकड़ मामले में पूर्ति विभाग की कार्रवाई के बाद आरोपियों पर एफआईआर हुई है। ढाबा संचालक और टैंकर से पकड़े गए चालक व खलासी जेल भेजे गए।
औंग थाना क्षेत्र के आभापुर गांव हाईवे किनारे के परिहार ढाबा में शुक्रवार को अवैध केरोसिन और पेट्रोल बरामद हुआ था। पूर्ति निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सिंह की ओर से जांच के बाद औंग थाने के रहसूपुर गांव निवासी भोपाल सिंह परिहार संचालक परिहार ढाबा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपी ढाबा संचालक पर आवश्यक वस्तु
अधिनियम के तहत अवैध केरोसिन और पेट्रोलियम पदार्थ के भंडारण की रिपोर्ट दर्ज हुई है। टीम ने कुल 14 बड़े डिब्बे और तीन जरीकेन, दस लीटर का नपना, दो हैंडल युक्त पाइप, दो रबड़ पाइप, तीन कीप बरामद की है। दो सौ लीटर केरोसिन और चालीस लीटर पेट्रोलियम पदार्थ बरामद हुआ है। एसओ राकेश मौर्या ने बताया कि आरोपी भोपाल सिंह को जेल भेजा गया है। उधर, खागा पुलिस ने टैंकर से सात हजार लीटर डीजल की बरामदगी के
मामले में चालक विनीत निवासी छबीलपुर थाना गुन्नौर जिला संभल और खलासी सुरेंद्र कुमार निवासी सहदरा सेक्टर नोएडा को जेल भेजा गया है। टैंकर में कई नंबर प्लेट बरामद हुई। फर्जीवाड़ेे और आवश्यक वस्तु अधिनियम की रिपोर्ट दर्ज की गई। इधर, गाजीपुर थाना क्षेत्र के शाह कस्बा निवासी श्यामू साहू के घर में छापेमारी कर पुलिस ने 15 सौ 69 लीटर डीजल बरामद किया। एसओ संदीप तिवारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पूर्ति निरीक्षक की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
तेल माफिया पर पुलिस मेहरबान
- गैंग समेत पकड़े माफिया की पुरानी वारदातों में कनेक्शन अलग मान रही पुलिस
- कल्यानपुर, थरियांव, मलवां में आईओसी लाइन से चोरी के दर्ज हैं पुराने मामले
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। पुलिस ने तेल माफिया पर मेहरबानी की हद पार कर दी है। जिले में पहले आईओसी की पाइप लाइन तोड़कर सिलसिलेवार तेल चोरियों के मामले में मैनपुरी के एक आरोपी को पकड़ कर पुलिस ने गैंग का पर्दाफाश किया था। उसी गैंग के दो वांछित के साथ तेल माफिया पिछले माह की चोरियों में पकड़ा गया। पुराने मामलों में जेल में निरुद्घ वांछितों को शामिल किया है लेकिन इसी गैंग के माफिया को पुलिस शामिल करने से बैकफुट पर आ गई है।
बिहार से बरौनी जाने वाली आईओसी की पाइप लाइन से मलवां थाना क्षेत्र के चखेड़ी गांव के पास 12 और 31मार्च को तेल चोरी हुआ था। 31 मार्च की चोरी के दौरान पुलिस पहुंच गई थी। टैंकर पुलिस के हाथ लगा था। छानबीन के दौरान मथुरा के चर्चित तेल माफिया मनोज अग्रवाल को पकड़ कर लाई। उसका पाटर्नर प्रतीक गर्ग टैंकर मालिक फरार है। पुलिस ने मनोज की पूछताछ के बाद मैनपुरी के पुआयां के शैलेंद्र सिंह, पंकज सिंह को पकड़ कर लाई। लाइन तोड़कर चोरियों में मनोज, शैलेंद्र, पंकज को नौ अप्रैल को जेल भेजा। बता दें कि शैलेंद्र, पंकज आठ माह पहले के कल्यानपुर थाने हरदौलपुर से आईओसी लाइन तोड़कर तेल चुराने में वांछित थे। करीब छह माह पहले मैनपुरी से कल्यानपुर पुलिस रवी उर्फ रबिया को पकड़ कर लाई थी। उसमें ही शैलेंद्र, पंकज समेत छह को फरार घोषित किया था। नौ अप्रैल के खुलासे में आठ माह पहले की थरियांव, कल्यानपुर, मलवां में तेल चोरी की घटनाओं में शैलेंद्र, पंकज को आरोपी बनाया है। जबकि साथी माफिया मनोज अग्रवाल को पुराने मामलों में क्लीन चिट दी है। पुलिस की कार्यशैली से सवाल खड़े हुए हैं। पहले से मनोज के खिलाफ 38 मामलों में एक दर्जन मामले तेल चोरी के दर्ज हैं। गौर करने की बात है कि माफिया और गुर्गों के बीच संबंध को पुलिस ने स्पष्ट किए हैं और सारी वारदातों में गुर्गे शामिल हैं। इन हालातों में माफिया के कनेक्शन को दूर कैसे माना जा सकता है। यह किसी के गले नहीं उतर रहा है। इन दिनों लोकल स्तर पर चोरी और अवैध तरीके से पेट्रोल, डीजल, केरोसिन भंडारण करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसना चालू किया है। बड़ा नेटवर्क चलाने पर कई पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।