फतेहपुर। निजामुद्दीन मरकज से लौटकर शहर में आए छह लोगों की सूची ने जिला प्रशासन को परेशानी में डाल रखा है। स्वास्थ्य महकमा के ढूंढ पाने में असफल होने पर भी प्रशासन कोई रिस्क लेने के मूड में नही है। यही वजह है कि खुफिया और क्राइम ब्रांच को भी टास्क में लगा दिया गया है। साथ ही अपील की गई है कि जो लोग लौटे हों वह खुद सामने आकर मेडिकल परीक्षण करा लें। बाद में संक्रमण मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मरकज के कोरोना जिन्न को लेकर जितना परेशान प्रशासन है उतना ही यहां की जनता भी। हाल यह है कि हर कोई यह जानने की कोशिश में जुटा है कि कहीं हमारे शहर में भी कोई जमाती छिपा तो नही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जमात लगने वाला स्थानीय ठिकाना तलाशने के बाद तफ्तीश कर मामले को एलआईयू के पाले में डाल दिया था। तब से पुलिस व प्रशासन स्तर से अंदर खाने इस पर काम चल रहा है। खलीलनगर, लालाबाजार, पठान मोहल्ला और आवास विकास जैसे इलाकों में जमातियों की खोज का कार्यक्रम गुपचुप तरीके से चलता रहा। जिला कोरोना सेल प्रभारी डॉ. केके श्रीवास्तव का कहना है कि एक पड़ोसी की इत्तला पर खलीलनगर में जांच की थी। घर पहुंचे तो पता चला कि वह इस जमातियों की सूची में शामिल नहीं थे। साधारण खांसी थी, दवा दे दिया गया। उन्हें देखकर ऐसा नहीं लगा कि इलाके को सैनिटाइज करना जरूरी है। इनका कहना रहा कि स्वास्थ्य विभाग मरीज देख सकता है उसे खोजने का काम वह कैसे कर सकता है। उधर, सीएमओ डॉ. उमाकांत पांडेय का कहना है कि जो सूची राज्य मुख्यालय से आई थी। इस पर काम चल रहा है। हर संभावना पर टीमें काम कर रही हैं।
कोरोना संदिग्ध मिलने पर उसका जांच सैंपल आने तक संबंधित को नेवलापुर के पास निर्माणाधीन स्पोर्ट्र्स कालेज में रखा जाना है। शुक्रवार को यहां की व्यवस्थाएं देखने के लिए प्रशासनिक टीम पहुंची और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सीएमओ डॉ. उमाकांत पांडेय ने बताया कि फिलहाल यहां पर 10 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां पर 60 बेड के इंतजाम किए जा सकते हैं।
सोशल डिस्टेंस के चलते जुमा की नमाज पर शहर की मस्जिदें सूनी पड़ी रहीं। नमाजियों ने तयशुदा वक्त पर घरों पर नमाज अता की। शहर के कोतवाली रोड, पनी, लालाबाजार, मुस्लिम चौक, मुराइनटोला, शादीपुर, बाकरगंज, आबूनगर जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में इस दौरान चहलकदमी बदस्तूर जारी रही।