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चिटफंड कंपनी के तीन संचालकों पर रिपोर्ट

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फतेहपुर। चिटफंड कंपनी के तीन संचालकों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। साढ़े छह साल में धन दोगुना करने का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये जमा कराए और फरार हो गए। कंपनी में एक युवक को फर्जी डायरेक्टर बनाकर उसके नाम से 10 चिटफंड कंपनी संचालित करने का आरोप लगाया गया है। फर्जी डायरेक्टर बनाए गए युवक ने ही रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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बिलंदपुर गांव निवासी रामविशाल दर्जी ने बताया कि 2013 में रामआसरे प्रजापति ने खुद को कोऑपरेटिव बोर्ड सोसाइटी जागेश्वरी वेस्ट मुंबई का डायरेक्टर बताया। लालच दिया कि कंपनी में जमा रकम साढ़े छह महीने में दोगुना हो जाएगी। मुराइनटोला आंगनबाड़ी कार्यालय की दूसरी मंजिल स्थित कार्यालय में सभी कर्मचारियों से उसकी मुलाकात कराई। उसने परिवार और रिश्तेदारों का 10 लाख रुपये जमा कराए थे। उसे कंपनी का कर्मचारी बनाने का लालच देकर रामआसरे प्रजापति निवासी दूलापुर थाना ललौली, हाल पता मुराइनटोला कोतवाली सदर, चीफ जनरल मैनेजर अवधूत कुमार मंडल निवासी अरविंद नगर आसनसोल पश्चिम बंगाल, कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पृथ्वीपाल सिंह सेठी निवासी उक्ता कोआपरेटिव बोर्ड सोसाइटी जागेश्वरी वेस्ट मुंबई महाराष्ट्र ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, चार फोटो जमा कराए। कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर करा लिए।
छह साल बाद जानकारी हुई कि रकम जमा करने वाली रसीदों पर उसके फर्जी हस्ताक्षर बनाए जा रहे हैं। रसीदें जालसाजी कर बनाई गई पेट्रोन सुगर एंड डिस्टलरीज, रिचेल फिनलीज एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड, मिलानी टेक्नो इंजीनियरिंग लिमिटेड, अनिस्टो इंश्योरेंश कंपनी, यानकी पेट्रो केमिकल लिमिटेड समेत 10 चिटफंड कंपनियों की है। उसे कंपनियों का डायरेक्टर बनाया है। उसने रामआसरे से फर्जीवाड़े का विरोध किया। इसी दौरान कंपनी के कार्यालय में ताला बंद कर संचालक भाग निकले। दो दिसंबर 2021 को शिकायत की थी। कोई सुनवाई नहीं होने पर कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रामआसरे, अवधूत मंडल, पृथ्वीपाल सिंह सेठी पर एससी-एसटी एक्ट और फ्राड का मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाल आनंद प्रकाश शुक्ला ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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