फतेहपुर। फेसबुक पर दोस्त बनाने के बाद संयुक्त गणराज्य (यूके) की महिला ने कारोबार शुरू के लिए वकील से दस लाख रुपये ठग लिए। इसके लिए पहले महिला ने वकील को ढाई करोड़ रुपये देने की पेशकश की। इस रकम को बैंक से पास कराने के लिए महिला ने आरबीआई व कस्टम विभाग की फर्जी आईडी बनाकर अपने खाते में दस लाख रुपये जमा करा लिए। बुधवार को यूनाइटेड किंगडम के वर्कशायर वेस्ट निवासी ओलिविया विलियम्स और ओलविया की साथी सोनिया गुप्ता पर आईटी एक्ट, फ्रॉड समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के राधानगर निवासी नरायन सिंह वकील है। तहरीर में बताया गया है कि उनकी फेसबुक में एक जून 2018 से 24 जून 2018 के बीच ओलविया विलियम्स उर्फ ओलिविया स्मिथ से मित्रता हुई थी। भारत में अंग्रेजी माध्यम के बच्चों के लिए विद्यालय और होटल व्यवसाय शुरू करने पर सहमति जताई और इस काम में सहयोग मांगा। वह व्हाट्एप के माध्यम से दो मोबाइल नंबर से संपर्क करती थी। ओलविया दस अक्तूबर 2018 को
दिल्ली आई। एयरपोर्ट से एक नंबर से फोन आया, कस्टम विभाग के अधिकारी होना बताकर ओलिविया से बात कराई। उसने अपने साथ ढाई करोड़ का ड्राफ्ट भारत लेकर आना बताया। तबी तथाकथित कस्टम विभाग की अधिकारी बताकर किसी सोनिया गुप्ता ने ड्राफ्ट क्लियरेंस के लिए 35 हजार रुपये जमा कराने की बात कही।
ओलविया के पास कोई भारतीय रकम न होना बताया गया। बकौल वकील उन्होंने केनरा बैंक के दिए खाते में रकम जमा की। इस दौरान उनके मेल पर 11 अक्तूबर को 2018 को ‘जीमेल पर मैसेज चीफ कमिश्नर कस्टम सतर्कता दिल्ली जोन न्यू दिल्ली’ की ओर से भेजा गया। ड्राफ्ट के संबंध में आयकर जमा करने की बात कही।
सोनिया गुप्ता ने आयकर जमा करने के बाद ड्राफ्ट उसके नाम होना बताया। उसने क्लीयरेंस के लिए आयकर का 72 हजार 900 रुपये दोबारा केनरा बैंक के खाते में जमा किया। इसी तरह करीब दस लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। इस तरह से ओलविया और उसके साथ तथाकथित कस्टम अधिकारी सोनिया गुप्ता ने उसके पास रिजर्व
बैंक की आईडी बनाकर मेल भेजा, फर्जी एटीएम बनाना और उससे पैसा निकलना एक बड़े साजिश का भाग है। पीड़ित ने एसपी से साइबर अपराधियों को पकड़े जाने की मांग की। साइबर सेल ने जांच के बाद आरोपियों पर फ्राड, षडयंत्र, कूटरचना, आईटी एक्ट की कड़ी धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पीड़ित ने बताया कि बड़ा नेटवर्क गिरोह में शामिल है।