फतेहपुर। खेत में शौच के लिए गई सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कराने के आरोपी को अपर जिला जज अनुभव द्विवेदी की अदालत ने 12 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्याय पाने के लिए पीड़िता के परिवार ने साढ़े पांच साल तक लड़ाई लड़ी। घटना ललौली थानाक्षेत्र के एक गांव में दो अक्तूबर 2015 की शाम पांच बजे हुई थी।
बच्ची शौच के लिए खेत गई थी। तभी वहां पहले से मौजूद दिनेश कुुमार ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने आपबीती परिजनों को बताई तो अगले दिन पाक्सो अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद से प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन था।
गुरुवार को सहायक शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सिंह की ओर से पेश किए गए तर्कों और साक्ष्यों के आधार पर अपर जिला जज अनुभव द्विवेदी ने आरोपी दिनेश कुमार को 12 वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अर्थदंड की राशि से आधी रकम पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अपर जिला जज नवनीत कुमार सिंह की अदालत ने गुरुवार दहेज हत्या के मामले में 10 वर्ष की सजा सुनाई। उन्होंने सहायक अभियोजन अधिकारी राजेंद्र कुमार पांडेय की जिरह सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया। फैसला आने के बाद पीड़ित पक्ष ने राहत की सांस ली।
कल्याणपुर थानाक्षेत्र के खेरा गांव निवासी नीरज कुमार की बहन का विवाह 24 मई 2015 को हुआ था। दो/तीन अक्तूबर की रात दहेज को लेकर नीरज की बहन की गला कसकर हत्या कर दी गई। मोटरसाइकिल की मांग पूरी ना होने पर घटना को अंजाम दिया गया। अभियुक्त संजय पुत्र संतराम निवासी धमना खुर्द को सजा सुनाई गई। अदालत ने संजय को दस साल के सश्रम कारावास और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।