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दंपति की हत्या के प्रयास में पिता-पुत्र समेत छह को सजा

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फतेहपुर। जमीनी विवाद में दंपति की हत्या का प्रयास करने के आरोप में पिता-पुत्र समेत छह आरोपियों को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पारुल वर्मा की अदालत ने दस-दस साल की सजा सुनाई है। प्रकरण विगत छह वर्षों से न्यायालय में चल रहा था। अदालत का फैसला आने के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया। अदालत ने मुल्जिमों पर अर्थदंड भी लगाया है।
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घटना तीन अगस्त 2014 की है। जाफरगंज थानाक्षेत्र के चरई गांव में बीरेंद्र कुमार बाजपेई का गांव के ही गंगा सागर और उनके भाई राम सागर से जमीन का विवाद चल रहा था। घटना वाली रात को बीरेंद्र अपनी पत्नी सुषमा बाजपेई के साथ घर के बाहर बैठे थे। तभी गंगा सागर अपने पुत्र बराती, भाई राम सागर, गांव के ही बृजकिशोर, राजकिशोर और जुगुज किशोर के साथ वहां पहुंचे।
उन्होंने दंपति पर तमंचे से फायर कर दिया। छर्रे लगने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बीरेंद्र के पुत्र आलोक की तहरीर पर पुलिस ने सभी छह आरोपियों के विरुद्घ हत्या के प्रयास की एफआईआर लिखी थी। इसके बाद से प्रकरण न्यायालय में था। पीड़ित पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रमिल श्रीवास्तव और वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश वर्मा ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए।
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सुनवाई पूरी होने के बाद अपर जिला जज पारुल वर्मा की अदालत ने सभी मुल्जिमों को दस-दस वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15-15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़ित पक्ष को देनी होगी। अर्थदंड का भुगतान न करने पर सभी को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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