फतेहपुर। कोरोना संक्रमण के चलते रेलवे स्टेशन में होने वाली जांच को प्रवासी कराने से कतरा रहे हैं। लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस से रविवार शाम फतेहपुर रेलवे स्टेशन में उतरे 170 प्रवासियों में 120 ने ही रैपिड एंटीजन टेस्ट कराया। 50 प्रवासी कॉमन सेंटर में चल रही जांच प्रक्रिया में जाने के बजाय चुपचाप निकल गए।
कोरोना की दूसरी लहर में एक बार फिर प्रवासियों का घर लौटना तेज हो गया है। रविवार की शाम 5: 50 बजे फतेहपुर रेलवे स्टेशन में मुंबई से कानपुर जा रही लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस रुकी। इस ट्रेन से 170 प्रवासी मजदूर उतरे। इन सभी यात्रियों का कोविड गाइडलाइन के तहत रैपिड एंटीजन टेस्ट किया जाना था। स्वास्थ्य विभाग की टीम के सामने सिर्फ 120 लोग जांच कराने को सामने आए।
फतेहपुर। रोजी और रोटी पर संकट खड़ा होने हर रोज प्रवासी मजदूरों का बड़ी संख्या में लौटना हो रहा है। रविवार को लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस की तरह दिल्ली-प्रयागराज एक्सप्रेस, जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस, आनंदबिहार, कालका, नार्थईस्ट, मूरी एक्सप्रेस से अच्छी संख्या में प्रवासी मजदूर रेलवे स्टेशन में उतरे। इनमें भी कई यात्री बगैर जांच कराएं चुपचाप निकल गए।
कोरोना संक्रमण के मद्देनजर रेलवे स्टेशन में पूरे एहतियात बरते जा रहे हैं। तीन शिफ्टों में चिकित्सकीय टीम एंटीजन जांच कर रही है। जनता को चाहिए कि वह जांच प्रक्रिया का भागीदार बनकर कोरोना की जंग में सहयोग प्रदान करें। अच्छी बात यह है कि अभी तक एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला है।
- आरके सिंह, स्टेशन अधीक्षक, फतेहपुर