फतेहपुर। मतगणना से ठीक पहले पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों और उनके एजेंटो के सामने एक शर्त रख दी गई है। शर्त यह है कि प्रत्याशियों और उनके एजेंट के पास तभी बनेंगे, जब उनके पास कोरोना निगेटिव होने की रिपोर्ट होगी। इस संबंध में डीएम अपूर्वा दुबे ने बतौर जिला निर्वाचन अधिकारी विकास भवन के सभागार में बैठक ली।
उन्होंने कहा, प्रत्याशी या एजेंटों की कोविड जांच में सहूलियत के लिए पीएचसी-सीएचसी स्तर पर जांच कैंप लगाए गए हैं। जो लोग भी मतगणना में हिस्सा लेना चाहते हैं वह अपनी जांच करा लें, उनकी जांच निगेटिव होगी तभी उन्हें मतगणना एजेंट बनाया जाएगा। मतगणना एजेंट फार्म के साथ उन्हें अपनी निगेटिव रिपोर्ट होने का प्रमाण पत्र लगना होगा। उन्होंने सभी 13 ब्लॉकों के आरओ और एआरओ को चुनावी मतगणना के बारे में आयोग की गाइडलाइन बताई। बैठक में बताया गया कि किस तरह से आरओ टेबल में परिणाम एकत्र होगा और कैसे परिणाम की घोषणा की जाएगी इसकी सूचना कैसे सार्वजनिक की जानी है।
सभी पदों की मतगणना एक साथ होनी है, टेबल पर पहले बक्से खाली होंगे और बाद में पचास-पचास की गड्डियां बनाकर बंडल बनाए जाएंगे। एक बार बंडल का कार्ड पूरा हो जाएगा। इसके बाद सभी प्रत्याशियों के पदवार मतगणना कर उनकी गड्डियां बनाई जाएगी। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से सभी आरओ व एआरओ के अलावा जिला पंचायत की आरओ विनीता सिंह मौजूद रहीं।
प्रधान, बीडीसी यानी कि क्षेत्र पंचायत सदस्य और सदस्य ग्राम सभा के लिए एक-एक एजेंट या प्रत्याशी स्वयं स्वीकृत है। लेकिन डीडीसी यानी कि जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवारों को हर टेबल पर एक एजेंट स्वीकृत किया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य का एजेंट या प्रत्याशी स्वयं दोनों में से एक ही व्यक्ति एक समय में अंदर रह सकेगा। लेकिन इसके लिए एंटीजन टेस्ट अनिवार्य है।
निगेटिव आने पर ही सुविधा मिलेगी। कलेक्ट्रेट से मिलेगा जीत का प्रमाणपत्र जिला पंचायत सदस्यों को जीत का प्रमाण पत्र कलेक्ट्रेट से मिलेगा, जबकि इनकी गणना ब्लाकों में होगी। गणना में मिले मतों का ब्योरा कलेक्ट्रेट भेजा जाएगा और टेबलवार मत जोड़कर यहां से जीत का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। जबकि प्रधान, बीडीसी व सदस्य ग्राम सभा के पदों का परिणाम ब्लाक से ही जारी होगा।