खागा। कोरोना संक्रमण की पुष्टि और दरवाजे पर एंबुलेंस आती देख भाग निकले कबरे गांव के युवक को पुलिस सुबह धाता कस्बे से सटे जंगल में पकड़ पाई। पुलिस ने उसे फोन कर समझाया और बाहर बुलाया। उसके बाहर आते ही कुछ देर बाद एंबुलेंस आ गई, जिस पर वह खुद ही जाकर बैठ गया।
कबरे गांव का यह सब्जी विक्रेता कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना से घबरा गया था। जैसे ही मंगलवार की शाम एंबुलेंस उसे लेने के लिए पहुंची तो वह घबराकर घर के पीछे से कूदकर भाग गया था। इससे पूरे गांव में हड़कंप मचा। बैरिकेडिंग व चौकसी के बाद भी उसके भाग निकलने से पुलिस पर सवाल उठने लगे। लिहाजा पुलिस भी रात भर उसे तलाशने में परेशान हुई। अफसरों के निर्देश पर पुलिस को खोजबीन में लगी थी। इसकी जिम्मेदारी शिवपुरी चौकी प्रभारी को सौंपी गई। पुलिस ने देर रात तक गांव के बाहर और अंदर संभावित जगहों पर उसकी तलाश की लेकिन नहीं मिला। पुलिस ने तुरंत सर्विलांस टीम की मदद मांगी। सर्विलांस के जरिए तलाश शुरू हुई। बुधवार की सुबह जैसे ही इस व्यक्ति ने अपना मोबाइल ऑन किया तो पुलिस को पता चल गया कि वह कहां पर है। पुलिस टीम तुरंत धाता कस्बे के पास जंगल के करीब पहुंची और फोन कर संक्रमित व्यक्ति को बाहर आने को कहा। वह बाहर आने को तैयार नहीं था पुलिस ने समझाया कि उसे अस्पताल ले जाया जाएगा और उसका इलाज होगा। इसमें डरने जैसी कोई बात नहीं है। काफी समझाने के बाद युवक बाहर आया। यह देख पुलिस ने उसे रोड पर आने के लिए कहा। कुछ देर बाद रोड पर एंबुलेंस भी आ गई। स्वास्थ्य कर्मियों के कहने पर व्यक्ति खुद ही एंबुलेंस पर जाकर बैठ गया। बता दें कि इस युवक के भागने के कारण कबरे गांव में लोग तो दहशत में थे ही आसपास के गांव, युवक के रिश्तेदारी के गांव वाले भी दहशत में थे। डीएम संजीव सिंह का कहना है कि युवक को एंबुलेंस से प्रयागराज कोविड अस्पताल भेज दिया गया है।