फतेहपुर। जिले में स्थापित होने वाले डालमियान भारत ग्रीन विजन लिमिटेड की सीमेंट परियोजना में अड़चन पैदा हो रही है। इसकी वजह स्थानीय स्तर पर दलाल व माफियाओं से परेशान होना सामने आया है। हालांकि प्रशासनिक अमले की उद्यम लगाने के प्रति प्रतिबद्धता देखते हुए कंपनी ने आगे काम जारी रखने की मंशा जाहिर की है।
डालमियान भारत ग्रीन विजन लिमिटेड ने जिले में सीमेंट परियोजना स्थापित करने के लिए नवंबर 2021 में अनुबंध किया। तहसील बिंदकी के गांव पहुर में लगभग 150 बीघे जमीन पर परियोजना तैयार होनी है। इसके लिए कंपनी ने करीब 85 प्रतिशत किसानों से जमीन की रजिस्ट्री या अनुबंध करा लिया है। 15 प्रतिशत जमीन खरीदने का लक्ष्य जनवरी 2024 तक है। फरवरी में भूमिपूजन करके निर्माण शुरू होना है। वहीं वर्ष 2026 में परियोजना से उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है। ये परियोजना 21 एमटी प्रतिदिन (मिट्रिक टन) क्षमता वाली होगी। इससे हर दिन दो हजार ट्रक सीमेंट लोड होंगे। प्रत्यक्ष रूप से सीधे साढ़े तीन हजार लोगों को रोजगार से जुड़ेंगे। वहीं परियोजना संचालन के बाद इतनी ही संख्या में लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। बड़ी परियोजना स्थापित होने के बाद जिले में अन्य उद्यम लगने की भी उम्मीद जगेगी। लेकिन नींव रखने से पहले ही परियोजना में रुकावट पैदा हो रही हैं। परियोजना के एग्रीगेटर धर्मेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि जमीन खरीदी को लेकर कई तरह की रुकावटें आई। उन्होंने समझौता करके हल कर लिया। बहुत कम हिस्से की जमीन लेना शेष है। लेकिन दलाल और माफिया हर हथकंडा अपनाकर परेशान कर रहे हैं। मेरे साथ कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर के लिए खिलाफ झूठा आरोप लगाकर शिकायत गई। ऐसे में परियोजना लगाने में दुर्गम चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जिला प्रशासन से बातचीत के बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
एक साल लेट है परियोजना
- परियोजना में जमीन खरीदी प्रक्रिया वर्ष 2022 में ही पूरी कर लेनी थी, लेकिन शुरुआत से ही अड़चन पैदा होने से लेट है। अब भी 15 प्रतिशत जमीन की खरीदी होनी है। इसे लेकर लगातार अड़चन पैदा हो रही है। इसे लेकर कंपनी से लेकर प्रशासनिक अमला तक परेशान है। हालांकि शनिवार को अधिकारियों से बातचीत के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने पर सहमति बन गई है।
कोट्स
-किसी भी उद्यमी को उद्यम स्थापित करने में किसी भी प्रकार की समस्या आती है, तो विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से उसकी समस्या का निस्तारण कराया जाएगा।
चंद्रभान सिंह, उपायुक्त, उद्योग विभाग
कोट्स
मेरे पास लिखित में कोई शिकायत नहीं मिली है। इस मसले पर बातचीत जरूर हुई है। प्रशासन ने तहसील स्तर पर पहले भी हर समस्या का समाधान किया। इस मसले की जानकारी एसडीएम को भी नहीं है। सरकार व प्रशासन उद्यम लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्यमियों की हर समस्या का निस्तारण होगा।
अविनाश त्रिपाठी, एडीएम