फतेहपुर। रोडवेज की अनदेखी व खराब प्रबंधन का खामियाजा अब यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। जिले में रोडवेज की 16 ऐसी रोडवेज बसें है। यह मानकों के अनुसार नीलामी के लिए प्रस्तावित हैं, उन्हें अभी भी सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। बसें खासकर रात के समय बार-बार खराब हो रही हैं और यात्रियों को बीच रास्ते में फंसना पड़ रहा है।
रोडवेज बस स्टॉप से चलने वाली बसों ने 11 लाख किमी की दूरी और 10 साल से अधिक की समय सीमा पूरी कर ली है। परिवहन निगम के मानकों के हिसाब से संचालन योग्य नहीं हैं। इसके बाद भी यह बसें अभी भी रूटों पर चलाई जा रही हैं। रात के समय जब यात्रियों की निर्भरता रोडवेज पर अधिक होती है, यह खटारा बसें अक्सर बीच रास्ते में बंद हो जाती हैं। इससे यात्रियों को कई किमी पैदल चलना पड़ता है या घंटों सड़क किनारे खड़े रहना पड़ता है। स्थानीय यात्रियों ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद न तो बसें बदली जा रही हैं और न ही समय पर मदद मिल रही है। रात में जंगल, सुनसान रास्तों में बस खराब होने पर महिलाओं और बुजुर्गों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। वर्कशॉप प्रभारी प्रेम सिंह ने बताया कि इन बसों को लेकर प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। शासन से प्रस्ताव मंजूरी के बाद इन बसों को बंद कर दिया जाएगा।