खराब पड़े नलकूप, क्रय केंद्रों में हावी बिचौलिए, बिजली समस्या, फसली मुआवजा व अन्य किसान समस्याओं को लेकर किसान दिवस पर जमकर हंगामा हुआ। मुआवजे व नलकूपों की मरम्मत में भाकियू नेताओं ने अधिकारियों पर धांधली का आरोप लगाया।
नलकूपों के मरम्मत में खर्च का ब्योरा देने में आनाकानी करने पर भाकियू नेता किसान दिवस के बहिष्कार का ऐलान करते हुए बैठक छोड़ कर चले गए। बाद में डीएम के समझाने पर दोबारा हाल में बैठक में शामिल हुए। इसके बाद बिंदुवार कार्यवाही शुरू हुई।
प्रेक्षागृह में बुधवार को किसान दिवस में भाकियू जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया 10 साल के अधिक समय से बंद पड़े राजकीय नलकूपों की मरम्मत के लिए शासन की ओर से साढ़े चार करोड़ रुपये की धनराशि नलकूप खंड को दी गई है।
नलकूप विभाग के अधिकारियों ने कागजों में मरम्मत कराकर धनराशि हजम कर ली। जबकि खागा तहसील क्षेत्र में आधा सैकड़ा से अधिक नलकूप बंद पड़े हैं। किसानों की फसल बर्बाद हो जाती हैं। सरकार की मुफ्त सिंचाई योजना का लाभ भी किसानों को नहीं मिल रहा है। फसल बीमा योजना में प्रीमियम धनराशि जमा करने के बावजूद बीमा कंपनी ने किसानों को मुआवजा नहीं दिया है।
किसान नेता रामदत्त मिश्रा ने बताया कि महिंचा मंदिर से हथगाम की सड़क दो वर्ष से अर्धनिर्मित पड़ी है। कार्यदायी संस्था ने बोल्डर डालकर छोड़ दिया है।
राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है। बिजली विभाग के अकिधकारियों की लापरवाही से दर्वेशाबाद के 132 केवी उपकेंद्र से बहुआ उपकेंद्र की 33 केवी हाईटेंशन लाइन का निर्माण पूरा नहीं कराया जा रहा है, जिससे बहुआ, शाह और सथरियांव उपकेंद्र एक लाइन से चल रहे हैं।
भाकियू के मधुसूदन तिवारी ने बताया कि जिले में 55 गेहूं के खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें किसानों के गेहूं की तौल नहीं हो रही है। किसान गेहूं बेचने के लिए खरीद केंद्रों में जाता है, तो केंद्र प्रभारी मानक विहीन बताकर वापस कर देते हैं। जबकि बिचौलियों के गेहूं की खरीद हो रही है। किसान मजबूरी में बिचौलियों के हाथ की कठपुतली बनकर रह गया है। इस मौके पर देवनरायन पटेल, सुरेंद्र, अशोक उत्तम, नवल पटेल, राजू सिंह, प्रीतम सिंह, दिनेश शुक्ला, विजय पटेल, प्रेमसिंह आदि रहे।