नहरों की हुई सिल्ट सफाई के काम के सत्यापन का जिम्मा तीन सदस्यीय टीम को सौंपा गया है। कराए गए काम के हुए भुगतान को सत्यापन के बाद किया गया या फिर बिना भुगतान के।
इसकी भी पड़ताल की जाएगी। इसके अलावा मौजूदा समय में खेतीबाड़ी के लिए सिंचाई की आवश्यकता कम होने की वजह से नहरों के पानी से तालाब भरवाए जाएंगे, ताकि गरमी में मवेशियों को पानी की उपलब्धता हो सके।
विकास भवन के सभागार में बुधवार को सिंचाई बंधु की बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश यादव ने उक्त बिंदुओं को रखा।
उन्होंने कहा कि नहरों की सिल्ट सफाई का सत्यापन बंधु के तीन सदस्य चंद्रपाल वर्मा, सुनील उमराव व विजय पाल करेंगे।
सिल्ट सफाई के जिस काम का भुगतान किया जा चुका है, उसका सत्यापन हुआ कि बिना सत्यापन के भुगतान कर दिया गया। इसकी भी छानबीन होगी।
जिले के सबसे बड़े डीघ, बड़ा गांव, सुजानपुर, खखरेरू व खागा समेत आधा दर्जन रजबहों में साफ सफाई का काम कराके इनमें टेल तक पानी पहुंचाए जाने की बात रखते हुए अमौली, बिजौली, सिजौली रजबहों में हुई सिल्ट सफाई के काम पर संतोष जाहिर किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने जरौली पंप कैनाल के मियाद पूरी कर चुके पंप व मोटर बदलने के लिए प्राकलन बनाकर शासन को जल्द भेजे जाने की बात रखते हुए कहा कि जरौली के मैकेनिकल स्टाफ का समायोजन नलकूप खंड में होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल सिंचाई की आवश्यकता कम है। ऐसे मेें नहरों में बहने वाले पानी का उपयोग तालाब भरवा कर किया जाए। इससे गरमी में मवेशियों को पानी के लिए भटकना नहीं होगा। इस बैठक में सिंचाई, नलकूप, निचली गंगा नहर, विद्युत खंड के एक्सईएन समेत रणविजय सिंह, वीरेंद्र यादव समेत अन्य किसान मौजूद रहे।