फतेहपुर। पहले दिन-रात एक कर आलू की फसल तैयार की। पैदावार हुई तो अब आलू भंडारण के लिए किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिले के सभी कोल्ड स्टोरेज फुल हो गए हैं। बहुत से किसानों ने वाहनों से आलू की बोरियां उतार कर कोल्ड स्टोर परिसर में डंप कर दी है। बागों के अलावा किसानों के घर पर भी आलू के ढेर लगे हैं। गर्मी के कारण ढेर में लगे आलू सड़ रहे हैं। किसानों की यह पीड़ा देखने और सुनने वाला कोई नहीं है। शीतगृहों में भंडारण क्षमता समाप्त होने का बोर्ड लगा दिया गया है।
इस बार आलू उत्पादन बंपर है। ऐसे में आलू का अधिक उत्पादन होना और भंडारण क्षमता कम होना किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जिले में इस बार 75 हजार किसानों ने करीब 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की खेती की थी।
जिले में छह लाख घन मीट्रिक टन से ज्यादा आलू की पैदावार हुई है। जिले में तीन हजार घन मीट्रिक टन भंडारण की क्षमता है। इस समय आलू की खोदाई हो चुकी है।
ज्यादातर किसानों ने कोल्ड स्टोर में भंडारण कर दिया है और कुछ किसानों ने आलू की बिक्री कर ली है। अभी भी बहुत से किसानों का आलू बाग और घर में रखा है।
मंडियों में आलू के दाम लागत से कम पर पहुंच गए हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों के अनुसार थरियांव क्षेत्र के रसूलाबाद में आठ से 10 हजार बोरी आलू, औरेई में 18 से 20 हजार बोरी आलू डंप है।
इसी प्रकार हथगाम, छिवलहा, मलवां क्षेत्र में किसानों का आलू डंप है। जिला उद्यान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 15 कोल्ड स्टोरेज हैं। इन कोल्ड स्टोरेज में करीब तीन लाख घन मीट्रिक टन भंडारण की क्षमता है। सभी कोल्ड स्टोर भर गए हैं।
15 कोल्ड स्टोरेज में सूची चस्पा
वैसे तो जिले में 17 कोल्ड स्टोरेज है, लेकिन इस बार 15 कोल्ड स्टोर संचालकों ने नवीनीकरण कराकर भंडारण शुरू कराया था। सभी 15 कोल्ड स्टोरों में भंडारण क्षमता पूरी होने की सूची चस्पा कर दी गई है।
मंडासरांय गांव के किसान कल्लू सिंह ने बताया कि कुछ आलू थरियांव कोल्ड स्टोर में जमा हो गया है, लेकिन एक ट्राली आलू बच गया था। मंडी में भी आलू के भाव लागत से कम होने के कारण स्टोर में जमा करना पड़ रहा है। जिले के सभी कोल्ड स्टोर फुल हैं। रायबरेली जिला के जगतपुर कोल्ड स्टोर में आलू जमा किए हैं।
शंकर बरदानी कोल्ड स्टोर के मैनेजर नीरज कुमार ने बताया कि स्टोर में क्षमता के अनुसार आलू भंडारण हो गया है। अब जगह नहीं बची है, लेकिन कुछ किसान परिसर में आलू की बोरियां उतार गए हैं। अगर वह किसान आलू उठा कर नहीं ले गए तो गर्मी में आलू खराब हो जाएगा।
कोट:
जिले में आलू की खेती अधिक होती है और भंडारण करने की क्षमता कम है। इस बार आलू की पैैदावार भी अधिक हुई है। जिले के 15 कोल्ड स्टोर भर गए हैं। आसपास के जिले में जहां स्टोर खाली है, वहां किसानों को सूचित कर भेजा जा रहा है। ताकि किसान अपने आलू का भंडारण कर सकें।
- श्याम सिंह, जिला उद्यान अधिकारी