चौक के एक किराना दुकान में लगा पेटीएम।
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बड़े स्टोर्स और बाजारों के साथ ही मध्यम वर्ग के बाजारों में भी कैशलेस कारोबार की पहल शुरू हो गई है। नोटबंदी के बाद लगातार क रेंसी की किल्लत से जूझ रहे ग्राहकों और दुकानदारों ने कैशलेस व्यवस्था की ओर रुख कर दिया है। दुकानदारों और ग्राहकों ने ऑनलाइन लेनदेन की ओर कदम बढ़ाया है। हालांकि अभी इस ओर ग्राहकों की संख्या कम दिख रही है। दुकानदारों का मानना है कि धीरे-धीरे व्यवस्था पटरी पर आएगी।
पांच सौ और एक हजार रुपये की नोट बंद होने के एक महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक ग्राहकों को करेंसी संकट से निजात नहीं मिल पा रही है। बैंकों और एटीएम बूथों के सामने लंबी लाइन में लगने के बाद भी कई ग्राहकों को कैश नहीं मिल रहा है। इन सभी झंझटों से बचने के लिए कैशलेस खरीदारी सबसे अच्छा तरीका है। शापिंग माल के साथ शहर के कई दुकानों में स्वाइप मशीनें और पेटीएम की व्यवस्था कर रखी है जिससे ग्राहकों को इसका लाभ मिल सके।
शहर के चौक इलाके में पुरवार जनरल स्टोर्स में पेटीएम की सुविधा शुरू है। दुकानदार राहुल पुरवार ने बताया कि प्रतिदिन आठ से दस कस्टमर पेटीएम के आ रहे हैं। कहा कि नोट बंदी के बाद कुछ दिन तो व्यापार पर खराब असर रहा लेकिन जब से पेटीएम लगा लिया तब से व्यापार ठीक चल रहा है। इसी प्रकार हरिओम ज्वैलर्स में स्वाइप मशीन से व्यापार किया जा रहा है। संचालक मोनू रस्तोगी ने बताया कि नोट बंदी से व्यापार पर खराब असर पड़ा है। इन दिनों स्वाइप मशीन और चेक से पेमेंट ले रहे हैं। चूड़ी वाली गली में एलीजा गारमेंट, रुचिका सेंटर आदि में भी स्वाइप मशीन लगी हुई हैं।