शहर के पीलू तले मोहल्ले में बैठक करते वैश्य एकता परिषद के पदाधिकारी
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फतेहपुर। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद की बुधवार को बैठक हुई। बैठक में लॉकडाउन में छोटे और मझोले व्यापारियों के व्यवसाय ठप होने पर चिंता जताई गई। सर्वसम्मति से जल्द ही एक ज्ञापन प्रदेश सरकार के मुुखिया को देने का निर्णय लिया गया।
पीलू तले कार्यालय में बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिषद के युवा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शरन सिंपल ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना ने पूरे विश्व को तबाह कर दिया है। इस महामारी के चलते छोटे व मझोले व्यापारी ज्यादा प्रभावित हुए हैं। लोगों को परिवार के भरण पोषण में काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी परिस्थिति में सरकार को ध्यान देने की आवश्यकता है।
परिषद के राष्ट्रीय महासचिव विनोद कुमार गुप्ता ने कहा कि वित मंत्री ने बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा की लेकिन उसमें लघु एवं मझोले व्यापारियों के हितार्थ कोई भी घोषणा शामिल नहीं है। इससे व्यापारी निराश हैं। प्रदेश सरकार छोटे एवं मझोले व्यापारियों को ब्याज रहित ऋण मुहैया कराये जिससे छोटा व्यापारी आसानी से व्यापार कर सके।
संचालन करते हुये युवा महामंत्री नारायण गुप्ता ने कहा कि सरकार ने ईएमआई तथा अन्य बैंकों के ऋ़णों में तीन माह की जमा में तो छूट दी लेकिन ब्याज में कोई छूट नहीं प्रदान की। बैंक इस तीन माह के ब्याज को मूलधन में जोड़कर वसूल रहे है। बैठक में राधेश्याम हयारण, गुडडू मोदनवाल, संजय गुप्ता, अरुण जायसवाल, अमित शरन बाबी, आशीष अग्रहरि भी मौजूद रहे।