कोतवाली क्षेत्र के लाखीपुर गांव में गुरुवार की रात बिस्तर पर जलती ढिबरी गिरने से दुधमुंहे बच्चे समेत मां की जलकर मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह परिजनों को घटना की जानकारी हुई। मृतका के पति ने कोतवाली में घटना की सूचना दी।
नायब तहसीलदार के पंचनामा करने के बाद पुलिस ने मां बेटे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। दर्दनाक हादसे से गांव में मातम छाया है।
गांव के शशिकांत की पत्नी विमला देवी और अपने आठ माह के पुत्र बब्लू सिंह के साथ घर के एक कमरे में रात करीब 9 बजे खाना खाकर सोने चली गई।
बिस्तर के पास ही ढिबरी जलाकर रख दिया था। रात को अचानक पास में जल रही ढिबरी बिस्तर पर गिर गई। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप पकड़ लिया।
आग की लपटों से घिरकर दोनाें की मौत हो गई। परिवार के अन्य सदस्य घर के बाहर दरवाजे पर सो रहे थे। पति ससुराल में था, जिससे रात को आग लगने की जानकारी नहीं हो पाई।
सुबह सास रन्नो देवी ने कमरे का दरवाजा खुलवाया तो दरवाजा अंदर से बंद था। उसने ग्रामीणों की मदद से दरवाजे की कुंडी तोड़कर कमरे के अंदर गए तो दोनों की जलकर मौत हो गईथी।
सूचना पर नायब तहसीलदार राजकुमार चौधरी और पुलिस ने पहुंची। नायब तहसीलदार ने शवो का पंचनामा किया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कोतवाल सुरेशचंद्र तिवारी ने बताया कि महिला और बच्चे की आग लगने से मौत हुई है।