समर्थकों के साथ फूलों की माला पहने खड़े दिलीप सिंह उर्फ कल्लू यादव
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एमएलसी निकाय का पद सपा के दिलीप सिंह उर्फ कल्लू यादव ने बड़े अंतर से बसपा के अशोक कटियार से छीन लिया। कल्लू को कुल 2687 वोट मिले जबकि अशोक 1107 पर सिमट गए। भाजपा प्रत्याशी अनिल गुप्ता उर्फ चाली मतगणना में दूर-दूर तक नहीं टिके। इन्हें महज 407 वोट मिले। बड़ी संख्या में जागरूकता की कमी या फिर जानबूझकर की गई गलत वोटिंग के चलते 257 मत अवैध हो गए। इनमें 15 वोटर ऐसे थे जिन्हें कोई प्रत्याशी पसंद नहीं था लिहाजा उन्होंने नोटा का कॉलम भरा।
कानपुर-फतेहपुर स्थानीय प्राधिकारी विधान परिषद सदस्य पद के इस चुनाव में पांच प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे थे। सपा से कल्लू यादव, बसपा से अशोक कटियार(सिटिंग एमएलसी), भाजपा से अनिल गुप्ता चार्ली, समता रिपब्लिकन पार्टी से धर्मेंद्र सिंह और निर्दल रामशरण यादव ने चुनाव लड़ा।
रविवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह आठ बजे प्रेक्षक और आरओ राजीव रौतेला की देखरेख में गिनती शुरू हुई। कुल 10 टेबल पर गिनती होने से मतगणना कार्मिकों पर भार कम पड़ा और साढ़े 11 बजे तक सभी टेबल के परिणाम आ गए। प्रथम वरीयता के मत की गिनती में ही सपा ने जीत हासिल कर ली।
सभी मतों को मिक्स कर गिनती कराए जाने से प्रत्याशी को कानपुर नगर, कानपुर देहात और फतेहपुर में अलग-अलग कितने वोट मिले, इसका आंकलन नहीं किया जा सका। चुनाव परिणाम से गदगद सपा समर्थक व नेता जुलूस रूप में विजेता कल्लू यादव के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम से प्रमाण पत्र हासिल किया।