फोटो-37-सजा के बाद कोर्ट से निकलते दोषी भाई। स्रोत: वीडियो ग्रैब
फतेहपुर। स्कूल बस चालक राजेंद्र उर्फ रज्जन तिवारी हत्याकांड में एफटीसी कोर्ट के न्यायाधीश अजय सिंह प्रथम ने मंगलवार को सगे भाइयों रामलखन त्रिवेदी और शिवलखन त्रिवेदी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर एक लाख चार हजार-एक लाख चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। दोनों आरोपी घटना के बाद से जेल में निरुद्ध हैं।
किशनपुर थाना क्षेत्र के सिलमी गांव निवासी राजेंद्र उर्फ रज्जन तिवारी निजी स्कूल बस चालक थे। तीन फरवरी की रात वह पड़ोसी अशोक तिवारी के घर के बाहर अलाव ताप रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव निवासी सगे भाई रामलखन और शिवलखन वहां पहुंचे और रंजिश के चलते लाठी-डंडों से राजेंद्र पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई। आरोपियों पर मौत के बाद भी मारपीट करने और अभद्रता करने का आरोप लगा था। मामले में राजेंद्र के भाई विमलेश की तहरीर पर दोनों भाइयों और उनकी मां सरस्वती देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। विवेचना में पुलिस ने सरस्वती देवी का नाम निकाल दिया था। सुनवाई के दौरान छह गवाहों ने अदालत में बयान दर्ज कराए। मंगलवार को अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों भाइयों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।